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बैंक से चोरी हुआ गिरवी सोना तो कैसे मिलेगा मुआवजा और ब्याज?

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 24 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बैंक से चोरी हुआ गिरवी सोना तो कैसे मिलेगा मुआवजा और ब्याज?

अक्सर सोने का लोन लेते समय उसके बदले बैंक या लोन देने वाले कंपनी के पास गहने गिरवी रखने पड़ते हैं.

ऐसे में अगर कर्ज चुकाने से पहले बैंक की कस्टडी में रखे गहने चोरी या गायब हो जाएं, तो यह सवाल उठता है कि नुकसान की भरपाई कौन करेगा और मुआवजा कैसे मिलेगा.

हालांकि, इस मामले में बैंक की जिम्मेदारी और मुआवजे की रकम कई बातों पर निर्भर करता है.

गिरवी रखा सोना चोरी होने पर क्या करें?

अगर आपको पता चलता है कि आपके गिरवी रखे सोने चोरी हो गए हैं, तो तुरंत बैंक को इसके बारे में जानकारी दें.

साथ ही बैंक से घटना की लिखित जानकारी और पुलिस में दर्ज शिकायत या FIR की कॉपी मांगे. बैंक के साथ हुई बातचीत और सभी डॉक्युमेंट्स को अपने पास सुरक्षित रखें.

बातचीत के दौरान बैंक से लिखित तौर पर पूछें कि किस स्थिति में चोरी हुए और नुकसान की भरपाई के लिए क्या प्रोसेस अपनाई जा रही है.

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मुआवजा पाने के लिए रखें ये डॉक्युमेंट

सोना जमा करते समय मिले गिरवी रसीद, गोल्ड लोन एग्रीमेंट और गहनों की वैल्यूएशन रिपोर्ट जैसी डॉक्युमेंट को अपने पास संभाल कर रखें.

इन डॉक्युमेंट के जरिए यह साबित किया जा सकता है कि बैंक के पास कौन-से गहने जमा किए गए थे और उनका वजन और कीमत कितनी थी. इसके अलावा उन सोने का फोटो और खरीदारी की बिल को भी महफूज रखें.

क्या बैंक को ब्याज समेत पैसा देना होगा?

आमतौर पर चोरी होने मुआवजे की रकम और उस पर ब्याज का फैसला मामले की परिस्थितियों, बैंक की जिम्मेदारी, अनुबंध, बीमा और लागू कानून के मुताबिक तय की जाती है.

ऐसे में फिलहाल यह कहना सही नहीं है कि हर मामले में सोना की पूरी कीमत या ब्याज अपने आप मिल जाएगा.

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📡 स्रोत: ABP Live Vyapar

📰 पूरी खबर पढ़ें (ABP Live Vyapar पर जाएं)

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

जब बैंक में गिरवी रखे सोने की चोरी हो जाए, तो सबसे पहले शांति से बैंक से संपर्क करें और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराएं। कानून के तहत बैंक की ज़िम्मेदारी स्पष्ट है, और आप मुआवजा व ब्याज के लिए अदालत में दावा कर सकते हैं। इस अनुभव से हमें सिखना चाहिए कि वित्तीय लेनदेन में सावधानी और दस्तावेज़ीकरण अनिवार्य है। साथ ही, समाज में भरोसेमंद बैंकिंग संस्कृति को बढ़ावा देकर ऐसे हादसों से बचा जा सकता है।

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JKS News Desk

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