बैंक कर्मचारियों के लिए वीक में 5 दिन काम की तैयारी, बनी स्पेशल कमेटी
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रविवार को हुई IBA और UFBU की देर रात बैठक के बाद बैंकों की हड़ताल को स्थिगित कर दी गई.
बैंक कर्मी 5 डे वर्क वीक की डिमांड समेत कई मुद्दों को लेकर तीन दिवसीय हड़ताल करने वाले थे.
अब बैंकों में 5 दिन कामकाज और शनिवार-रविवार की छुट्टी लागू करने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है.
दरअसल इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने इस प्रस्ताव को लागू करने के तरीके पर चर्चा के लिए एक हाईलेवल कमेटी बनाई है.
इस कमेटी में बैंक प्रबंधन और बैंक कर्मचारी यूनियनों, दोनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे.
बातचीत के बाद हुआ फैसला
ये फैसला 27 सितंबर को देर रात हुई IBA और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया.
कमेटी के अध्यक्ष बैंक ऑफ इंडिया के MD और CEO राजनीश कर्नाटक होंगे. वहीं, पंजाब नेशनल बैंक के MD और CEO अशोक चंद्रा ऑप्शनल अध्यक्ष बनाए गए हैं.
कमेटी में IBA की तरफ से इंडियन बैंक के MD और CEO बिनोद कुमार, बैंक ऑफ इंडिया के MD और CEO राकेश शर्मा और SBI के चीफ जनरल मैनेजर (HR CDO) जीएस राणा शामिल हैं.
तो वहीं, बैंक कर्मचारी यूनियनों की ओर से AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBOC और INBEF के महासचिव कमेटी में शामिल होंगे. BKSM के महासचिव विनोद निकम को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है.
अभी कैसे होता है कामकाज?
बैंकों में 5 दिन कामकाज की मांग पिछले कई साल से चल रही है. अगर ये प्रस्ताव लागू होता है तो सभी शनिवार को बैंकों की छुट्टी होगी.
फिलहाल बैंक महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं, जबकि बाकी शनिवार को काम हर रोज की तरह होता है.
समय बढ़ाया जाएगा इस व्यवस्था को लागू करने के लिए रोजाना बैंकिंग के कामकाज के समय में बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी रखा गया था. 31 जनवरी 2023 को IBA ने रोजाना काम के समय में 45 मिनट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था.
कर्मचारी यूनियनों ने इससे पहले 30 मिनट का समय बढ़ाने का सुझाव दिया था.
दिसंबर 2023 में IBA और UFBU के बीच हुए समझौते में IBA ने सरकार से सभी शनिवार
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
बैंक कर्मचारियों ने पाँच दिन काम के हफ्ते की मांग के साथ तीन दिवसीय हड़ताल की योजना बनाई थी, पर रविवार को IBA और UFBU की बैठक के बाद हड़ताल स्थगित कर दी गई। इस कदम से बैंकिंग क्षेत्र में कार्य समय में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। यह विषय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बैंकिंग सेवा भारत की आर्थिक धारा का मूल है और कार्य समय में बदलाव से ग्राहकों, कर्मचारियों और समग्र आर्थिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ेगा। यदि पाँच दिन काम का हफ्ता लागू होता है तो ग्राहकों को कार्यदिवसों में सुविधा मिलेगी, पर कर्मचारियों