बैटरी चालित कृत्रिम हाथों से बदलेगी जिंदगी, जमशेदपुर में दिव्यांगजनों को मिली आत्मनिर्भरता की नई उड़ान
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →
जमशेदपुर में दो दिवसीय दिव्यांग सहायता शिविर का शुभारंभ, मिल रहे बैटरी चलित कृत्रिम हाथ, दिव्यांगजनों के जीवन में आ रहा बड़ा बदलाव, गिलास पकड़ने, सब्जी काटने और मोटरसाइकिल चलाने में सक्षम हुए दिव्यांग।
Short Headline: बैटरी चालित कृत्रिम हाथों से बदलेगी जिंदगी, जमशेदपुर में दिव्यांगजनों को मिली आत्मनिर्भरता की नई उड़ान
कृत्रिम उपकरण, पूर्वी सिंहभूम, राजेश
दो दिवसीय दिव्यांग सहायता शिविर का शुभारंभ
मिल रहे बैटरी चलित कृत्रिम हाथ दिव्यांगजनों के जीवन में आ रहा बड़ा बदलाव
गिलास पकड़ने, सब्जी काटने और मोटरसाइकिल चलाने में हुए सक्षम
एंकर जमशेदपुर में दिव्यांग जनों की जिंदगी में नई खुशियां और आत्मनिर्भरता लाने के उद्देश्य से दो दिवसीय निःशुल्क कृत्रिम अंग वितरण शिविर का शुभारंभ किया गया है। 'हेल्प क्रॉस सोसाइटी' और पुणे की संस्था 'इनाली फाउंडेशन' की ओर से दिव्यांगों को आधुनिक बैटरी चालित कृत्रिम हाथ निःशुल्क प्रदान किए जा रहे हैं।
होल्ड अप साउंड रिपोर्ट
वीओ 01. जमशेदपुर में शिविर के पहले दिन की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई, जिसके बाद मेहमानों को पुष्पगुच्छ और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। हेल्प क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन कुलवंत सिंह बंटी ने बताया कि यह एक ऐसा छोटा सा प्रयास है जो दिव्यांगों के जीवन में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है।
वीओ 02. इस शिविर में ऐसे लोगों को बैटरी से संचालित होने वाले कृत्रिम हाथ लगाए जा रहे हैं, जिनके हाथ किसी दुर्घटना या अन्य कारणों से कट गए थे। इन हाथों में लगी बैटरी को मोबाइल की तरह आसानी से चार्ज किया जा सकता है, जो दो साल तक चलती है। कार्यक्रम में पहुँचे जमशेदपुर के अनुमंडल पदाधिकारी अर्णव मिश्रा ने कहा कि यह बेहद सराहनीय कार्य है।
वीओ 03. बैटरी या उपकरण में कोई भी समस्या आने पर संस्था द्वारा उसे नि:शुल्क बदला जाता है। अब तक 65 लोगों का पंजीकरण हो चुका है, और पहले दिन लगभग 35 लोगों को कृत्रिम हाथ लगाए गए हैं। इस शिविर के माध्यम से लाभान्वित हुए ओडिशा के कालाहांडी जिले से आए हेमंत पात्रा की खुशी का ठिकाना नहीं था।
अंतिम वीओ माइकल जॉन ऑडिटोरियम में आयोजित यह शिविर उन तमाम जरूरतमंदों के लिए उम्मीद की एक नई किरण बनकर उभरा है, जो शारीरिक अक्षमता के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने और आत्मनिर्भर बनने की ललक रखते हैं।
जमशेदपुर से राजेश कुमार लाल दास की रिपोर्ट।