बैतूल नगरपालिका की अनूठी पहल, 13 अज्ञात मृतकों का विधि-विधान से कराया तर्पण
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बैतूल। आमतौर पर नगरीय निकायों की जिम्मेदारी जन्म-मृत्यु का रिकॉर्ड रखने और नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित मानी जाती है, लेकिन बैतूल नगरपालिका ने इससे आगे बढ़कर मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। नगरपालिका परिषद और अधिकारियों ने मिलकर तर्पण के अंतिम दिन 13 अज्ञात मृतकों के नाम से विधि-विधानपूर्वक तर्पण कराया।
यह वे लोग थे, जिनके शव बीते एक साल में नगरपालिका क्षेत्र में सड़क किनारे या लावारिस हालत में मिले थे। इन मृतकों के शवों पर किसी ने दावा नहीं किया था। इसके बाद नगरपालिका ने ही उनका अंतिम संस्कार कराया था। अब इन अज्ञात मृतकों की स्मृति में माचना नदी के घाट पर तर्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनकी आत्मा की शांति एवं मोक्ष की कामना की गई।
विधायक की सोच को किया साकार
बैतूल विधायक एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सोच को अमलीजामा पहनाते हुए नगरपालिका ने यह पहल की। इसका उद्देश्य उन लोगों को भी सम्मान देना है, जिनकी मृत्यु के बाद उनकी पहचान सामने नहीं आई और जिनका अंतिम संस्कार करने के लिए कोई परिजन या परिचित मौजूद नहीं था। इस पहल के जरिए यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि जनहित से जुड़े सरकारी विभागों को अपनी नियमित जिम्मेदारियों के साथ मानवीय संवेदनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए।
हर साल अज्ञात मृतकों का तर्पण करने का प्रयास
नगरपालिका सीएमओ नवनीत पांडे के अनुसार, पुराणों में भी अज्ञात लोगों का तर्पण करने के पुण्य का उल्लेख मिलता है। इसी भावना के साथ नगरपालिका ने उन 13 मृतकों के नाम से तर्पण कराया, जिनका पिछले एक वर्ष के दौरान अंतिम संस्कार कराया गया था। नगरपालिका ने भविष्य में भी हर वर्ष अज्ञात मृतकों का तर्पण कराने का प्रयास करने की बात कही है। बैतूल में की गई यह पहल समाज में संवेदनशीलता, मानवीयता और प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान देने का संदेश दे रही है।
बाइट – नवनीत पांडे, सीएमओ, नगरपालिका बैतूल
बाइट – डॉ. रामकिशोर पवार, समाजसेवी, ताप्ती जागृति मंच
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बैतूल नगरपालिका ने पेश की मानवता की मिसाल
माचना नदी घाट पर 13 अज्ञात मृतकों का कराया तर्पण
बीते एक साल में लावारिस मिले शवों का नगरपालिका ने कराया था अंतिम संस्कार
अज्ञात मृतकों को श्रद्धांजलि देकर की मोक्ष की कामना
हर साल अज्ञात मृतकों का तर्पण कराने का नगरपालिका करेगी प्रयास
💡 पृष्ठभूमि (Background)
बैतूल नगरपालिका ने 13 अज्ञात मृतकों के लिए विधि-पूर्वक तर्पण कर मानवता का नया उदाहरण प्रस्तुत किया। यह पहल दर्शाती है कि स्थानीय निकाय केवल जन्म‑मृत्यु रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहकर समाज की गरिमा का भी ध्यान रख सकते हैं। ऐसी कार्रवाई से समाज में मृतकों के प्रति सम्मान बढ़ेगा और नगरपालिकाओं को सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरणा मिलेगी। यह कदम नागरिकों को यह सन्देश देगा कि हर जीवन की कद्र होनी चाहिए, जिससे सामुदायिक जागरूकता और सहानुभूति की भावना मजबूत होगी।
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
बैतूल नगरपालिका की इस दयालु पहल से हमें यह सीख मिलती है कि समाज का हर कोना, चाहे वह नगर हो या ग्राम, मानवता के प्रति जिम्मेदार होना चाहिए। अज्ञात मृतकों को तर्पण देकर उन्होंने यह दिखाया कि जीवन का सम्मान केवल जीवितों के बीच ही नहीं, बल्कि मृतकों के प्रति भी होना चाहिए। इसी भावना से हमें अपने पड़ोसियों, परिवार और समाज की सेवा में सक्रिय रहना चाहिए, ताकि हर व्यक्ति को गरिमा और सम्मान मिले।