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बकाया भुगतान के मामले में स्वास्थ्य विभाग की संपत्ति कुर्क, दो और वाहन न्यायालय पहुंचे

लेखक: Santosh Yogi अंतिम अपडेट: 31 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बकाया भुगतान के मामले में स्वास्थ्य विभाग की संपत्ति कुर्क, दो और वाहन न्यायालय पहुंचे

भोपाल। वर्ष 2011 में कीटनाशकों की आपूर्ति के करीब 50.70 लाख रुपये के कथित बकाया भुगतान से जुड़े मामले में भोपाल में न्यायालय के आदेश पर कुर्की की कार्रवाई जारी है। सोमवार को दो और वाहनों को न्यायालय परिसर में लाकर कुर्क किया गया। इससे पहले भी दो वाहन न्यायालय में लाए जा चुके हैं।

मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय के अधिवक्ता पूर्णाशिस भूनिया के अनुसार, उनके पक्षकार मैसर्स निटापोल इंडस्ट्रीज ने वर्ष 2011 में स्वास्थ्य विभाग को कीटनाशकों की आपूर्ति की थी। अधिवक्ता का दावा है कि सामग्री प्राप्त कर उपयोग किए जाने के बावजूद संबंधित राशि का भुगतान नहीं किया गया।

भुगतान नहीं होने पर कंपनी ने पश्चिम बंगाल सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सुविधा परिषद के समक्ष मध्यस्थता प्रकरण प्रस्तुत किया। परिषद ने कंपनी के पक्ष में फैसला देते हुए मूल राशि के साथ भारतीय रिजर्व बैंक की दर से तीन गुना चक्रवृद्धि ब्याज के भुगतान के निर्देश दिए।

परिषद के निर्णय को संबंधित पक्ष द्वारा कलकत्ता उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई। अधिवक्ता के मुताबिक, याचिका खारिज होने के बाद आगे की अपील और सर्वोच्च न्यायालय में विशेष अनुमति याचिका भी दाखिल की गई, लेकिन वहां से भी संबंधित पक्ष को राहत नहीं मिली।

इसके बाद बकाया राशि की वसूली के लिए कंपनी की ओर से भोपाल के वाणिज्यिक न्यायालय में निष्पादन प्रकरण दायर किया गया। न्यायालय के आदेश के तहत अब कुर्की की कार्रवाई की जा रही है। अधिवक्ता के अनुसार, सोमवार को दो और वाहनों को न्यायालय परिसर में लाकर कुर्क किया गया।

इसके अलावा संबंधित परिसर में मौजूद फर्नीचर, कंप्यूटर और अन्य फिक्स्चर की कुर्की की कार्रवाई भी जारी है। अधिवक्ता पूर्णाशिस भूनिया ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में बकाया राशि की वसूली के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। मामले में आगे की प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों के अनुसार जारी रहेगी।

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Santosh Yogi

संतोष योगी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार हैं जो भोपाल जिला एवं आसपास की घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं।