अपराध

बाल यौन शोषण सामग्री पर राजस्थान पुलिस की बड़ी कार्रवाई

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026 👁️ 2 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बाल यौन शोषण सामग्री पर राजस्थान पुलिस की बड़ी कार्रवाई

राजस्थान पुलिस ने ऑनलाइन बाल यौन शोषण सामग्री के प्रसार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हजारों यूआरएल, प्रोफाइल और मोबाइल नंबर ब्लॉक करवाए हैं। एडीजी साइबर क्राइम वी.के. सिंह ने कहा कि तकनीकी निगरानी के जरिए संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

जयपुर, 28 सितम्बर। राजस्थान पुलिस ने ऑनलाइन बाल यौन शोषण सामग्री के प्रसार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एडीजी साइबर क्राइम वी.के. सिंह ने प्रेस वार्ता में पुलिस की ओर से की जा रही कार्रवाई और तकनीकी निगरानी के संबंध में जानकारी दी।

एडीजी साइबर क्राइम ने बताया कि इस मामले में पुलिस को करीब 25 हजार महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। इन सूचनाओं और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर बाल यौन शोषण सामग्री के ऑनलाइन प्रसार में इस्तेमाल किए जा रहे करीब 7,800 यूआरएल और प्रोफाइल को ब्लॉक करवाया गया है। इसके साथ ही करीब 100 डिवाइस को भी ब्लॉक करवाने की कार्रवाई की गई है।

उन्होंने बताया कि ऐसी गतिविधियों से जुड़े करीब 15 हजार मोबाइल नंबर भी ब्लॉक करवाए गए हैं। इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट और व्हाट्सऐप समेत विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर तकनीकी निगरानी के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।

एडीजी के अनुसार, NCMEC से प्राप्त रिपोर्ट और डिजिटल ट्रेल के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर संदिग्ध अकाउंट्स और मोबाइल नंबरों की पहचान की जा रही है। पुलिस की ओर से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर होने वाली गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है, ताकि बाल यौन शोषण सामग्री के निर्माण, प्रसार और साझा किए जाने से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।

राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बाल यौन शोषण सामग्री के निर्माण, प्रसार या ऑनलाइन साझा करने में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एडीजी साइबर क्राइम ने आमजन से अपील की कि ऐसी किसी भी सामग्री या गतिविधि की जानकारी सामने आने पर उसे आगे साझा न करें और तत्काल संबंधित एजेंसियों को सूचना दें।

तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ ऑनलाइन अपराधों पर निगरानी और कार्रवाई के लिए पुलिस की साइबर मॉनिटरिंग व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।

बाइट - वी.के. सिंह ,एडीजी साइबर क्राइम

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

राष्ट्र के हर कोने में बाल संरक्षण का नया अध्याय लिखते हुए राजस्थान पुलिस ने ऑनलाइन शोषण के खिलाफ ठोस कदम उठाए हैं। यह दर्शाता है कि प्रौद्योगिकी और कानून की संयुक्त शक्ति से अपराध को रोका जा सकता है। समाज को चाहिए कि हम जागरूकता फैलाएँ, बच्चों की सुरक्षा के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाएँ, और किसी भी दुराचार के लिए क़ानूनी मार्ग अपनाएँ। इस कदम से न केवल पीड़ितों को राहत मिलेगी, बल्कि भविष्य में इसी तरह के अपराधों की रोकथाम भी संभव होगी।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।