बालाघाट में चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय मैनपावर को सर्वोच्च प्राथमिकता से सुदृढ़ करें: उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, उपकरणों की कार्यक्षमता और निर्माणाधीन अधोसंरचना की समीक्षा; संवेदनशील क्षेत्रों में निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश
भोपाल, 24 अगस्त 2026। उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा करते हुए प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरणों की कार्यक्षमता तथा निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। मौसम की वर्तमान स्थिति को देखते हुए उप मुख्यमंत्री ने संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि वल्नरेबल क्षेत्रों में सुनियोजित कार्ययोजना के अनुसार चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और जहां आवश्यकता हो, वहां तत्काल आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएं। उन्होंने संवेदनशील एवं आवश्यकता वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बालाघाट में मैनपावर सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर
समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बालाघाट जिले में चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय मैनपावर को सर्वोच्च प्राथमिकता से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने आईपीएचएस-12 के अंतर्गत प्रावधानित पदों पर नियुक्ति के लिए आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही रिक्त पदों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यकता के अनुसार पदस्थापना एवं भर्ती संबंधी प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा।
चिकित्सा उपकरणों की कार्यशीलता पर नियमित निगरानी
उप मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों की कार्यक्षमता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि केवल उपकरणों की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका कार्यशील रहना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, ताकि मरीजों को आवश्यक जांच और उपचार की सुविधा निर्बाध रूप से मिल सके। उन्होंने उपकरणों के उचित रख-रखाव तथा खराब या अनुपयोगी उपकरणों की समय पर मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों को उपकरणों की उपलब्धता के साथ उनकी कार्यशील स्थिति की नियमित निगरानी करने को कहा गया।
निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना की नियमित मॉनिटरिंग
बैठक में निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। निर्माण पूरा होने के बाद स्वास्थ्य संस्थानों को जल्द से जल्द जनसेवा के लिए उपलब्ध कराने पर भी उन्होंने जोर दिया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तार आवश्यक है, लेकिन इसके साथ उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग और स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करना भी विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए नियमित निरीक्षण और प्रभावी मॉनिटरिंग की आवश्यकता है।
बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सुखवीर सिंह, आयुक्त स्वास्थ्य धनराजू एस, अपर संचालक स्वास्थ्य मनोज सरियाम सहित लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।