बालाघाट में चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय मैनपावर सर्वोच्च प्राथमिकता से सुदृढ़ करें : उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, मानव संसाधन, चिकित्सा उपकरणों की कार्यक्षमता और निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने मौसम की वर्तमान स्थिति को देखते हुए वल्नरेबल (संवेदनशील) क्षेत्रों में सुनियोजित कार्ययोजना के अनुसार चिकित्सकीय सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तत्परता से आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील एवं आवश्यकता वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने बालाघाट जिले में चिकित्सकीय एवं सहायक चिकित्सकीय मैनपावर के सुदृढ़ीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक चिकित्सकों, नर्सिंग एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने आईपीएचएस-12 के अंतर्गत प्रावधानित पदों पर नियुक्ति के लिए आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने रिक्त पदों की स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार पदस्थापना एवं भर्ती संबंधी कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध चिकित्सकीय उपकरणों की कार्यक्षमता की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य उपकरणों का उचित रख-रखाव किया जाए और खराब अथवा अनुपयोगी उपकरणों की समय पर मरम्मत सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपकरणों की उपलब्धता के साथ-साथ उनकी कार्यशील स्थिति की भी नियमित निगरानी हो, ताकि मरीजों को आवश्यक जांच एवं उपचार की सुविधा निर्बाध रूप से मिल सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो और कार्य पूर्ण होने के बाद स्वास्थ्य संस्थानों को शीघ्र जनसेवा के लिए उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के साथ उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग और संस्थानों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करना भी विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी मॉनिटरिंग की जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री सुखवीर सिंह, आयुक्त स्वास्थ्य श्री धनराजू एस, अपर संचालक स्वास्थ्य श्री मनोज सरियाम सहित लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।