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बालाघाट में पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, देशभर के 154 शहीद जवानों की सूची का किया गया वाचन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 22 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बालाघाट में पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, देशभर के 154 शहीद जवानों की सूची का किया गया वाचन

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर 21 अक्टूबर को पुलिस लाइन बालाघाट में कार्यक्रम आयोजित कर कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पुलिस महानिरीक्षक श्री ललित कुमार शक्यवार के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम में शहीद जवानों के परिजनों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा ने 01 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक की अवधि में देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए पुलिस, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, सीमा सुरक्षा बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के 154 जवानों की सूची का वाचन किया। इस दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं पुलिस जवानों ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की ।

कार्यक्रम में विधायक मधु भगत, कलेक्टर आदित्य सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्राणेश कुमार प्राण, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिर्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतेश भार्गव, नगर पालिका अध्यक्ष भारती सुरजीत सिंह ठाकुर, वनमंडलाधिकारी नित्यानंदम एल, बैहर एसडीएम अनिकेत शांडिल्य, बालाघाट एसडीएम गोपाल सोनी, पूर्व विधायक डॉ.

योगेन्द्र निर्मल, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रमेश रंगलानी, समाजसेवी ऋषभदास वैद्य सहित अन्य गणमान्य नागरिक, अधिकारी एवं पुलिस जवान उपस्थित थे।

10 जवानों की शहादत की स्मृति में मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस

उल्लेखनीय है कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवान शहीद हो गए थे। इन वीर जवानों की शहादत की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर देशभर में पुलिस एवं विभिन्न सुरक्षा बलों के उन जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है, जिन्होंने देश की सुरक्षा और कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों का बलिदान दिया। इस कार्यक्रम में पिछले एक वर्ष की अवधि में देश के विभिन्न क्षेत्रों में सेवा के दौरान शहीद हुए जवानों की सूची का वाचन किया जाता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।