बंद होंगे छोटे दुकानदारों के QR पेमेंट! RBI किस मामले पर है सख्त?
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रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने पेमेंट कंपनियों पर Re-KYC के लिए सख्ती बढ़ा दी है. अब इसको लेकर पेमेंट कंपनियों ने आरबीआई से मांग की है कि उन्हें 15 सितंबर तक का समय दिया जाए. क्योंकि छोटे दुकानदारों की Re-KYC में काफी दिक्कत आ रही है. ऐसे में इन कंपनियों ने RBI से थोड़ा समय मांगा है.
मुश्किल हो रहा कंपनियों का काम मनी कंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, कई कंपनियों के सामने हजारों छोटे और अनौपचारिक कारोबारियों का KYC पूरा करने का काम अभी बाकी है.
पेटीएम, फोन पे और गूगल पे जैसी कंपनियां छोटे शहरों और गांवों में QR कोड और साउंडबॉक्स के जरिए पेमेंट लेने वाले दुकानदारों का दोबारा KYC कर रही हैं. लेकिन नए और सख्त KYC नियमों के साथ फिजिकल वेरिफिकेशन की जरूरत ने कंपनियों के लिए काम मुश्किल कर दिया है.
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रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रक्रिया से प्रभावित ज्यादातर कारोबारी छोटे दुकानदार और अनौपचारिक व्यवसाय चलाने वाले लोग हैं. इनमें से कई के पास KYC के लिए जरूरी दस्तावेज नहीं हैं.
हालांकि इन कारोबारियों से होने वाले पेमेंट का कुल हिस्सा बहुत बड़ा नहीं है, फिर भी वो छोटे शहरों और गांवों में डिजिटल पेमेंट और वित्तीय सेवाओं को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं. 80% Re-KYC पूरा होने की उम्मीद
ज्यादातर पेमेंट कंपनियों को उम्मीद है कि वो 15 सितंबर तक करीब 80% Re-KYC का काम पूरा कर लेंगे. लेकिन बाकी कारोबारियों का KYC पूरा करना चुनौती बना हुआ है.
इसकी एक बड़ी वजह ये है कि RBI के नियमों के अनुसार फिजिकल KYC पेमेंट कंपनियों के अपने कर्मचारियों को ही करना होगा. ये काम थर्ड-पार्टी एजेंसियों के कर्मचारियों से नहीं कराया जा सकता. जिस वजह से पिछले एक साल में उन्हें अपने कर्मचारियों की संख्या भी
📡 स्रोत: ABP Live Vyapar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पेमेंट कंपनियों पर Re‑KYC की सख्ती बढ़ा दी है, जिससे छोटे दुकानदारों के QR पेमेंट बंद हो सकते हैं। यह विषय डिजिटल लेनदेन के नियमन से जुड़ा है, जहाँ RBI का उद्देश्य अनौपचारिक व्यापारियों के बीच धन शोधन और धोखाधड़ी को रोकना है। खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह छोटे व्यापारियों की रोज़मर्रा की आय और ग्राहकों के डिजिटल भुगतान विकल्पों को प्रभावित कर सकती है। यदि Re‑KYC प्रक्रिया धीमी या जटिल हो जाती है, तो दुकानदारों को नकद लेनदेन पर लौटना पड़ सकता है, जिससे व्यापार में बाधा और