बांदा में छात्रा ने यमुना पुल से लगाई छलांग:NDRF और गोताखोरों का सर्च ऑपरेशन जारी, 10 किमी तक खोजबीन के बाद भी सुराग नहीं
बांदा जनपद के कमासिन कस्बे की निवासी 18 वर्षीय मंदाकिनी बाथम ने गुरुवार सुबह यमुना पुल से छलांग लगा दी। वह राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कक्षा 12 की छात्रा थी। सुबह घर से बिना बताए निकलने के बाद उसकी मां आशा देवी ने पुलिस को उसके लापता होने की सूचना दी थी।
दोपहर में दांदौ चौकी प्रभारी दान बहादुर पाल ने प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार ओझा को यमुना पुल से युवती के छलांग लगाने की सूचना दी। युवती पुल पर अपना दुपट्टा, अंगूठी और बालों का क्रिएचर छोड़ गई थी। सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार ओझा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने मंदाकिनी की मां आशा देवी और बहन उमा-रेखा को घटनास्थल पर बुलाकर पुल पर मिले सामान की पहचान कराई। परिजनों ने पुष्टि की कि यह सामान मंदाकिनी का ही है। चश्मदीदों ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 7:00 बजे मंदाकिनी को दांदौ घाट के समीप घंटों फोन पर बात करते देखा गया था।
इसके बाद लगभग 8:30 बजे उसने यमुना पुल से नदी में छलांग लगा दी। घटना के बाद एनडीआरएफ टीम, पीएसी, गोताखोरों और स्थानीय मल्लाहों की मदद से यमुना नदी में मंदाकिनी की तलाश शुरू की गई।
प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार ओझा ने बताया कि दांदौ घाट पुल के घटनास्थल से सिंहवाहिनी देवी मंदिर की तरफ यमुना नदी के दोनों ओर करीब 10 किलोमीटर तक शाम छह बजे तक खोजबीन की गई। हालांकि, देर शाम तक मंदाकिनी का कोई सुराग नहीं मिल पाया। मंदाकिनी की मां आशा देवी ने बताया कि उनकी बेटी सुबह बिना कोई कारण बताए घर से निकली थी।
परिवार में किसी से उसका कोई विवाद नहीं हुआ था और न ही उसे किसी ने डांटा-फटकारा था। उन्होंने कहा कि मंदाकिनी ने यह कदम क्यों उठाया, यह परिवार की समझ से परे है। मंदाकिनी के पिता बसंत लाल दूसरे प्रांत में मजदूरी करते हैं।
प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार ओझा ने जानकारी दी कि अंधेरा होने के कारण गुरुवार शाम को खोजबीन रोक दी गई है। शुक्रवार सुबह मंदाकिनी की तलाश फिर से शुरू की जाएगी।
📡 स्रोत: NewsData.io