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बंडा जहरीलीअवैध शराब मामले में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बीएमसी में की समीक्षा, बोले—लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बंडा जहरीलीअवैध शराब मामले में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बीएमसी में की समीक्षा, बोले—लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

84 मरीज उपचाराधीन, 10 संदिग्ध आरोपी हिरासत में; मुख्यमंत्री मोहन यादव पूरे मामले की कर रहे मॉनिटरिंग

सागर, 6 सितंबर। बंडा क्षेत्र में कथित अवैध और जहरीली शराब के सेवन से प्रभावित लोगों के मामले में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

उन्होंने प्रभावित मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे उपचार के साथ पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई की जानकारी ली और अवैध शराब के कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए।

मरीज़ों का हाल लेते उपमुख्यमंत्री
मरीज़ों का हाल लेते उपमुख्यमंत्री
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उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में अवैध शराब की बिक्री किसी भी स्थिति में नहीं होने दी जानी चाहिए। उन्होंने सभी शराब दुकानों की जांच, स्टॉक की नियमित निगरानी और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों की गहन जांच के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले में लापरवाही बरतने वाले अथवा जिम्मेदारी के बावजूद कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव स्वयं पूरे प्रकरण की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को जिला पुलिस प्रशासन में कसावट लाने और नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बताया कि अवैध शराब से प्रभावित कुल 84 मरीज उपचाराधीन हैं।

इनमें 59 मरीज बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज, 17 जिला चिकित्सालय और 7 बंडा सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। एक गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है। कलेक्टर के अनुसार अधिकांश मरीजों की स्थिति स्थिर है। मरीजों के लिए आवश्यक दवाएं, जांच और डायलिसिस की सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

कलेक्टर ने बताया कि जहरीली शराब के स्रोत की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में शराब बाहर से बनाकर सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है तथा इसमें मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है।

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि बंडा थाने में प्रकरण दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता और मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की विभिन्न धाराओं के तहत 20 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इन पर संदिग्ध नकली एवं अवैध शराब के निर्माण, सप्लाई और बिक्री से जुड़े होने के आरोप हैं।

इसके अलावा विनायका थाने में भी 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। पुलिस द्वारा संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस के अनुसार बंडा प्रकरण में नामजद 20 आरोपियों में से अब तक 10 को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अवैध शराब के स्रोत और मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच के साथ धरपकड़ जारी है।

समीक्षा बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने भी मामले में विस्तृत जांच कराने और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की उदासीनता सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में उपचार व्यवस्था की जानकारी देते हुए डॉ. सौरभ जैन ने बताया कि मरीजों का उपचार उनकी स्थिति और लक्षणों की गंभीरता के आधार पर किया जा रहा है। प्रभावित मरीजों के अस्पताल पहुंचने की दर में कमी आई है, जबकि गंभीर मरीजों का डायलिसिस जारी है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

बुंदेलखंड के बंडा क्षेत्र में अवैध और जहरीली शराब के सेवन से 84 रोगी उपचाराधीन हैं, जबकि 10 संदिग्ध आरोपी हिरासत में हैं। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा की, और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की वादा किया। यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति सरकार की जवाबदेही दर्शाता है। यदि इस तरह के अवैध पेय पदार्थों पर कड़ी नज़र नहीं रखी गई तो आम जनता की जानें खतरे में पड़ सकती हैं, और विश्वासघात तथा स

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।