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बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जेल विभाग की पहल, केंद्रीय जेल भोपाल में जागरूकता एवं काउंसलिंग शिविर आयोजित

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 20 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जेल विभाग की पहल, केंद्रीय जेल भोपाल में जागरूकता एवं काउंसलिंग शिविर आयोजित

भोपाल। बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग की पहल पर केंद्रीय जेल भोपाल में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं काउंसलिंग शिविर आयोजित किया गया। 15 सितंबर को आयोजित इस शिविर में बंदियों को मानसिक तनाव और उससे जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक करने के साथ विशेषज्ञों ने उनसे संवाद कर उनकी व्यक्तिगत एवं मानसिक समस्याओं को समझने का प्रयास किया।

जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के महानिदेशक डॉ. वरुण कपूर के मार्गदर्शन में आयोजित यह कार्यक्रम विभाग और राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर, गुजरात के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MOU) के तहत आयोजित किया गया।

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय से आए फोरेंसिक साइकोलॉजिस्ट ओम तिवारी ने बंदियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बंदियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को समझा और आवश्यकता के अनुसार काउंसलिंग भी की।

शिविर में बंदियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े सवाल विशेषज्ञ के समक्ष रखे। व्यक्तिगत समस्याओं और तनाव से जुड़े विषयों पर भी संवाद किया गया।

मानसिक स्वास्थ्य को लेकर आयोजित इस पहल का उद्देश्य बंदियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ उनकी समस्याओं की पहचान और आवश्यकता पड़ने पर परामर्श उपलब्ध कराना रहा।

कार्यक्रम में केंद्रीय जेल भोपाल के अधीक्षक मानेंद्र परिहार सहित जेल विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।