बांस की कलाकृतियों में दिखी हिमाचली कला की अनूठी झलक, राम मंदिर से एफिल टावर तक के मॉडल आकर्षण का केंद्र
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कांगड़ा कला संग्रहालय में बैम्बू आर्ट प्रदर्शनी का शुभारंभ, पूर्व सैनिक विनय अवस्थी की कलाकृतियों ने मोहा मन
अक्तूबर 14,कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश): कांगड़ा कला संग्रहालय धर्मशाला में बांस से निर्मित कलाकृतियों की प्रदर्शनी का शुभारंभ आज एसडीएम धर्मशाला मोहित रतन ने किया। इस प्रदर्शनी में पंचरुखी के समीप लदोह गांव निवासी पूर्व सैनिक एवं शिल्पकार विनय अवस्थी की कलाकृतियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
बांस से तैयार इन कलाकृतियों में हिमाचल की पारंपरिक वास्तुकला, मंदिरों की बनावट और आधुनिक स्थापत्य की अनूठी झलक देखने को मिल रही है। प्रदर्शनी में बांस से बने स्लेटपोश मकानों, एक और दो मंजिला घरों तथा हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों के मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। अयोध्या के भव्य राम मंदिर की प्रतिकृति और एफिल टावर का मॉडल भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
विनय अवस्थी ने अपने हुनर और रचनात्मकता से बांस जैसे साधारण प्राकृतिक संसाधन को कलात्मक स्वरूप देकर उसकी संभावनाओं को प्रदर्शित किया है। सेना की शिक्षा कोर से सेवानिवृत्त विनय अवस्थी पिछले पांच-छह वर्षों से बांस की कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं। उनके अनुसार, वह अब तक 70 से अधिक कलाकृतियां बना चुके हैं।
उनका उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का रचनात्मक उपयोग करते हुए बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं से आकर्षक कलाकृतियां तैयार करना है। उनका मानना है कि बांस कला स्वरोजगार का एक बेहतर माध्यम बन सकती है। इसके लिए कलाकारों को उचित प्रशिक्षण, बाजार और प्रदर्शन के अवसर उपलब्ध करवाना जरूरी है। प्रदर्शनी के दौरान कला प्रेमियों ने भी विनय अवस्थी के कार्यों की सराहना की।
सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्य शुभ्रा गुप्ता ने बांस से तैयार कलाकृतियों को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि कला से जुड़ाव रचनात्मकता को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित कर सकता है। वहीं, कला एवं संस्कृति से जुड़े विशेषज्ञों ने बांस कला की आर्थिक संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए इसे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और आजीविका का माध्यम बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों, कॉलेजों और मेलों में बांस कला की कार्यशालाएं आयोजित की जानी चाहिए। साथ ही, अनुभवी शिल्पकारों को प्रशिक्षण देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, ताकि नई पीढ़ी इस पारंपरिक हुनर को सीखकर रोजगार से जुड़ सके। एसडीएम मोहित रतन ने विनय अवस्थी की कलाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके कार्य में मेहनत, समर्पण और रचनात्मकता स्पष्ट दिखाई देती है।
उन्होंने हिमाचल के प्रतिभाशाली कलाकारों को प्रोत्साहित करने और उनकी कला को व्यापक मंच उपलब्ध करवाने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रशासन की ओर से भी भविष्य में कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए हरसंभव अवसर उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया गया।