देश

बापू ने जीवन के बहुत से मंत्र दिए, उनमें से एक स्वच्छता- पीएम मोदी

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बापू ने जीवन के बहुत से मंत्र दिए, उनमें से एक स्वच्छता- पीएम मोदी

सितंबर 27, नई दिल्ली: 2 अक्टूबर नजदीक है इस दिन पूरी दुनिया अपने प्रिय बापू की जयंती मनाएगी। मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बापू ने जीवन के बहुत से मंत्र दिए और उनमें से एक स्वच्छता भी है। पीएम ने उन नौजवानों का जिक्र किया जो बिना किसी स्वार्थ के इस काम में जुटे हैं।

साथ ही पर्यावरण संरक्षण की दिशा में असम के सोनाई रूपाई वाइल्ड सेंचुरी और बंगाल के सुंदरबन की कहानी सबके सामने रखी।अपने आसपास साफ सफाई... महात्मा गांधी के जीवन का ये मंत्र पूरी दुनिया जानती है। इसी मंत्र को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर दोहराते रहते हैं। बापू की जयंती आने वाली है और उससे पहले पीएम ने फिर अपने मन की बात के जरिए इसकी याद दिला दी है।

पीएम ने इस बात पर खुशी जताई कि कई नौजवान हैं जो निस्वार्थ भाव से स्वच्छता अभियान में जुटे हैं।स्वच्छता की बात करते करते पीएम ने पर्यावरण का भी मुद्दा शामिल किया। असम के सोनाई रूपाई वाइल्ड सेंचुरी का जिक्र करते हुए कहा कि जंगल में इंसानी दखल ने हाथियों को अपनी जड़ से दूर कर दिया लेकिन तीन साल पहले अतिक्रमण हटाने के बाद हाथियों का झुंड यहां लौट आया है।

पीएम ने PYGMY HOG जैसे जीव को जंगल में बसाया गया।प्रकृति के साथ इंसानी रिश्ता सिर्फ उसे सहेजने तक सीमित नहीं है बल्कि प्रकृति जीवन का सहारा है। पीएम ने यही संदेश देते हुए बंगाल में झारखाली की उन महिलाओं की ताकत को देश के सामने रखा जिनके पति की जान टाइगर अटैक में चली गई, इसके बावजूद वो सुंदरबन में मैंग्रूव के जंगल तैयार कर रही हैं।पीएम के मन में न जाने ऐसी कितनी बातें हैं जो हम सभी को जीवन जीने का सलीका सिखाती हैं।

दूसरों से प्रेरणा लेकर कुछ कर गुजरने का हौसला देती हैं।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

बापू की स्वच्छता के मंत्र पर प्रधानमंत्री मोदी ने ज़ोर दिया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि स्वच्छता एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बनी हुई है। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि यह न केवल स्वास्थ्य और पर्यावरण को प्रभावित करता है, बल्कि भारत के विकास के लिए भी आवश्यक है। इस खबर से आम जनता को यह प्रेरणा मिलेगी कि वे स्वयं भी स्वच्छता के कार्य में सक्रिय हों, जिससे समाज में स्वच्छता जागरूकता बढ़ेगी और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार होगा।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।