बारबेक्यू में कुकिंग ऑयल की जगह केरोसिन डाला, महिला झुलसी:बचाते समय पति भी जला; दार्जिलिंग हनीमून मनाने गया था कपल
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →पश्चिम बंगाल दार्जिलिंग के सिटोंग में गुरुवार रात एक होमस्टे के बारबेक्यू में आग लग गई। इसमें नवविवाहिता 60% झुलस गईं। उन्हें बचाने की कोशिश में पति भी झुलस गया। महिला को इलाज के लिए सिलीगुड़ी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, बारबेक्यू में कुकिंग ऑयल की जगह केरोसिन डालने से आग भड़की।
परिवार ने कुर्सियॉन्ग थाने में होमस्टे के खिलाफ शिकायत की है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। समीर दास को शुरुआती इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। जबकि निकिता की हालत गंभीर है। पहले देखिए हादसे की 3 तस्वीरें… हनीमून मनाने के लिए सिटोंग गया था दंपती निकिता और समीर वेस्ट बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के चोपड़ा के रहने वाले हैं।
दोनों ने करीब दो महीने पहले शादी की थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों कई साल से रिश्ते में थे। शादी के बाद वे कुछ दिन पहले हनीमून के लिए सिटोंग पहुंचे थे। होमस्टे की CCTV फुटेज में कुछ डालने के बाद बारबेक्यू की आग तेजी से फैलती दिख रही है। इसके बाद निकिता के कपड़ों में आग लग गई। फुटेज में समीर अपनी टी-शर्ट उतारकर निकिता के शरीर पर लगी आग बुझाते दिख रहे हैं।
वे उन्हें बचाने की कोशिश में खुद भी झुलस गए। निकिता के पति ने आरोप लगाया कि बारबेक्यू पर टर्पेंटाइन ऑयल डालने के बाद आग लगी। वहीं, होमस्टे के मालिक निहाल अयान ने कर्मचारी की लापरवाही मानी है। निहाल अयान के मुताबिक, कर्मचारी ने कुकिंग ऑयल की जगह केरोसिन डाल दिया था। परिवार ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए परिवार ने आरोप लगाया कि होमस्टे में सुरक्षा के जरूरी इंतजाम नहीं थे।
घटना के बाद होमस्टे संचालकों ने मदद भी नहीं की। निकिता को अस्पताल ले जाने के लिए जो गाड़ी बुलाई, वह भी करीब 40 मिनट बाद पहुंची। निकिता को पहले पास के अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें सिलीगुड़ी के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। निकिता की हालत गंभीर है।
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
दक्षिण पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में एक होमस्टे के बारबेक्यू में कुकिंग ऑयल की जगह केरोसिन डालने के कारण आग लग गई, जिससे नवविवाहिता और उसके पति दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। यह घटना पर्यटनस्थलों पर सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर करती है। ऐसे हादसे से यात्रियों का विश्वास घट सकता है और स्थानीय पर्यटन उद्योग पर आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, यह दिखाता है कि घरेलू और रेस्तरां में जलनशील पदार्थों के उपयोग में सावधानी बरतनी आवश्यक है, जिससे जनता को सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
इस दुखद घटना से यह सिखने को मिलता है कि सुरक्षितता के नियमों का पालन अनिवार्य है। कुकिंग ऑयल के बदले केरोसिन डालना एक सरल गलती है, पर इसके परिणाम विनाशकारी हो सकते हैं। हमें अपने घरों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करना चाहिए, और किसी भी शॉर्टकट से बचना चाहिए। साथ ही, आपात स्थिति में शांत रहकर त्वरित मदद माँगना ज़रूरी है। इस तरह हम अपने समाज को सुरक्षित और जिम्मेदार बना सकते हैं।