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बरहेट में झामुमो बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 4 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बरहेट में झामुमो बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल

Relevance: PRIORITY Slug: BABULAL ON JMM Short Headline: बरहेट में झामुमो बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल

Synopsis: बरहेट में झामुमो बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल, मुख्य सचिव और उपायुक्त से मामले का संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग। Category: Politics Deadline : 04 SEPTEMBER, RANCHI

04 सितंबर, रांची: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने साहिबगंज के बरहेट विधानसभा क्षेत्र में झामुमो की बैठक में सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी और सीडीपीओ अंशु कुमार पांडेय मौजूद थे।

श्री मरांडी ने कहा कि राजनीतिक कार्यक्रम में सरकारी पदाधिकारी की मौजूदगी सेवा नियमावली के खिलाफ है। उन्होंने मुख्य सचिव और उपायुक्त से मामले का संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

बाबूलाल मरांडी ने बरहेट में झामुमो बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी पर सवाल उठाया। यह विषय झामुमो के निर्णय प्रक्रिया में सरकारी हस्तक्षेप के बारे में है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे झामुमो की स्वतंत्रता और निर्णय लेने की क्षमता पर असर पड़ सकता है। यदि अधिकारियों का प्रभाव बढ़ता है, तो क्षेत्रीय नीतियों में बदलाव संभव है, जिससे स्थानीय विकास योजनाओं और संसाधन वितरण पर असर पड़ेगा। आम जनता के लिए यह निर्णय उनके जीवन स्तर, रोजगार और सामाजिक सेवाओं पर प्रत्यक्ष प्रभाव डाल सकता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।