इतिहास

बरेली में बारिश से बिगड़े हालात, कॉलोनियां डूबीं:रेजीडेंसी गार्डन में 3 फीट पानी, गांवों में नदी किनारे के परिवार शिफ्ट; भारी बरसात का अलर्ट

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 28 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बरेली में बारिश से बिगड़े हालात, कॉलोनियां डूबीं:रेजीडेंसी गार्डन में 3 फीट पानी, गांवों में नदी किनारे के परिवार शिफ्ट; भारी बरसात का अलर्ट

बरेली में लगातार बारिश से शहर से लेकर देहात तक जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। 48 घंटे में 290.9 मिमी बारिश दर्ज हुई, जिससे कई इलाकों में सड़कें और घर पानी में डूब गए। रेजीडेंसी गार्डन में तीन फीट से ज्यादा पानी भरने पर कई परिवार सुरक्षित जगह चले गए। शहर के सुभाषनगर, सिकलापुर, सिटी स्टेशन रोड, हजियापुर, जगतपुर और पुराने शहर समेत कई इलाकों में जलभराव है।

दुकानों और घरों में पानी घुसने से लोग सामान बचाने में जुटे हैं। वहीं बहेड़ी के कल्याणपुर में बहगुल नदी का जलस्तर बढ़ने पर नदी किनारे बसे परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। मौसम विभाग ने सोमवार को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी है।

प्रशासन ने निचले इलाकों और जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने को कहा है। शुक्रवार से रविवार सुबह तक 290.9 मिमी बारिश मौसम विभाग के बरेली वेधशाला के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 8:30 बजे से शनिवार सुबह 8:30 बजे तक 126.2 मिमी बारिश दर्ज हुई। इसके बाद शनिवार सुबह 8:30 बजे से रविवार सुबह 8:30 बजे तक 164.7 मिमी बारिश दर्ज की गई।

यानी इन 48 घंटों की अवधि में कुल 290.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सितंबर में बरेली के प्रेक्षण इतिहास में सबसे कम अधिकतम तापमान बताया गया है। रविवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। सोमवार को भारी बारिश का अलर्ट IMD के अनुसार, बरेली में सोमवार (28 सितंबर) को भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है, क्योंकि जलभराव वाले निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। रेजीडेंसी गार्डन में फिर तीन फीट पानी स्टेडियम रोड स्थित रेजीडेंसी गार्डन में तेज बारिश के बाद एक बार फिर पानी भर गया।

कॉलोनी में तीन फीट से ज्यादा पानी पहुंचने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा। सितंबर की शुरुआत में हुई रिकॉर्ड बारिश के दौरान भी यहां करीब छह फीट तक पानी भर गया था। उस समय भी लोगों को ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकालना पड़ा था। इस बार पिछली बारिश का पानी पूरी तरह सूख भी नहीं पाया था कि नए दौर की बारिश ने हालात बिगाड़ दिए।

कर्मचारी नगर, लाजपत नगर, केसर वाटिका और त्रिवेणी एन्क्लेव की तरफ भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है। शहर के कई हिस्से पानी में डूबे सुभाषनगर पुलिया, सिटी स्टेशन रोड, सिकलापुर, हजियापुर, जगतपुर, मलूकपुर, किला, बाकरगंज और पुराना शहर समेत कई इलाकों में सड़कें पानी में डूबी रहीं। सिकलापुर की फर्नीचर मंडी में कई दुकानों और शोरूम तक पानी पहुंच गया।

सिटी स्टेशन के सामने सड़क पर भी जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ। बारिश के चलते कई घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों को सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा। निचले इलाकों में रहने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। बहगुल का जलस्तर बढ़ा, परिवार सुरक्षित स्थान पर पहुंचे बहेड़ी तहसील के ग्राम कल्याणपुर में बहगुल नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद नदी किनारे बसे परिवारों पर खतरा बढ़ गया।

तहसील प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराया और राहत सामग्री भी बांटी। एसडीएम गोपाल शर्मा और तहसीलदार भानू प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर नदी के जलस्तर और आसपास की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों से नदी के किनारे न जाने और बच्चों को पानी से दूर रखने की अपील की गई है।

प्रशासन की टीम जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है। बहेड़ी में पानी में डूबी कार, ट्रैक्टर से निकाला बहेड़ी में हाईवे से तहसील जाने वाले मार्ग पर भारी जलभराव के कारण एक कार पानी में फंस गई। कार का बड़ा हिस्सा पानी में डूब जाने से वह बंद हो गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने ट्रैक्टर की मदद से कार को बाहर निकाला।

इस मार्ग पर बारिश के बाद अक्सर जलभराव की समस्या सामने आती है। सड़क के आसपास जल निकासी बाधित होने से पानी काफी समय तक जमा रहता है। बिशारतगंज में जर्जर मकानों को लेकर मुनादी बारिश और जलभराव को देखते हुए बिशारतगंज में भी लोगों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है।

प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखने की बात कही गई है।

📡 स्रोत: NewsData.io

📰 पूरी खबर पढ़ें (NewsData.io पर जाएं)
J
JKS News Desk

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।