बरेली में विधायक के अस्पताल के बाहर किसानों का धरना:ज्ञापन सौंपा, बोले- मांगें नहीं मानीं तो 26 नवंबर से फिर शुरू करेंगे आंदोलन
बरेली में किसान एकता संघ ने बिथरी चैनपुर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा के अस्पताल के बाहर धरना दिया। राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. रवि नागर के नेतृत्व में किसानों ने प्रधानमंत्री के नाम सात सूत्रीय मांगों का ज्ञापन विधायक को सौंपा। किसानों ने 2020-21 के किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार और संयुक्त किसान मोर्चा के बीच हुए समझौते की मांगों को लागू करने की मांग की। किसानों ने फसलों की एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी देने की मांग की। इसके अलावा सभी किसानों की पूर्ण कर्जमाफी और किसान आत्महत्या से प्रभावित परिवारों को 25 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। किसानों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को रद्द करने, स्मार्ट मीटर हटाने और बिजली के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की। चारों श्रम संहिताओं को समाप्त करने की मांग भी रखी गई। बोले- किसान-मजदूरों के मुद्दों पर गंभीरता से फैसला ले सरकार डॉ. रवि नागर ने कहा कि सरकार को किसान और मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। 2020-21 के आंदोलन के दौरान किए गए समझौते में शामिल कई मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं। सरकार को इन्हें जल्द लागू करना चाहिए। मांगें नहीं मानीं तो 26 नवंबर से आंदोलन किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आह्वान पर 26 नवंबर से फिर लगातार आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। धरने के दौरान यज्ञ प्रकाश, उमेश शर्मा, गिरीश गोस्वामी, संजय यादव, डॉ. भारती, प्रदीप यादव, संजय पाठक, आजाद, श्रीराम गौतम, महेंद्र मौर्य, दीपक शर्मा, राजेंद्र, विजय कुमार, सुशील सिंह, प्रशांत और सुरेंद्र तिवारी समेत कई किसान मौजूद रहे।
📡 स्रोत: NewsData.io