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बारिश के बीच कटनी में गणपति विसर्जन, देर रात तक कृत्रिम कुंडों में हुआ विसर्जन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बारिश के बीच कटनी में गणपति विसर्जन, देर रात तक कृत्रिम कुंडों में हुआ विसर्जन

कटनी में लगातार बारिश के बावजूद गणपति बप्पा की विदाई को लेकर श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। अनंत चतुर्दशी के अवसर पर देर रात तक गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद कृत्रिम विसर्जन कुंडों में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कर बप्पा को भावभीनी विदाई दी।

श्रद्धालुओं की सुविधा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए नगर निगम की ओर से स्थायी कृत्रिम कुंडों के अलावा शहर के आठ प्रमुख स्थानों पर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भी विसर्जन कुंड बनाए गए थे। इसका उद्देश्य लोगों को घर के नजदीक विसर्जन की सुविधा उपलब्ध कराना और नदी-तालाबों को प्रदूषण से बचाना था।

विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, पुलिस बल, होमगार्ड और गोताखोरों की तैनाती की गई थी। प्रशासन की निगरानी में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।

बाइट - शिवा पाठक, उप पुलिस अधीक्षक, कटनी

बाइट - महेंद्र तिवारी, अधिकारी, नगर निगम, कटनी

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

बारिश के बावजूद कटनी में गणपति विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता हमें यह सिखाती है कि परंपरा को निभाने के साथ-साथ प्रकृति की रक्षा भी अनिवार्य है। जब हम अनुकूलित तरीकों से पूजा-अर्चना करते हैं, तो हम न केवल सांस्कृतिक विरासत को संजोते हैं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और हरित वातावरण भी बनाते हैं। इस अनुभव से प्रेरित होकर समाज में हर किसी को परंपरा और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करने की प्रेरणा मिलनी चाहिए।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।