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बर्रा-8 की कच्ची बस्ती में घुसा पांडु नदी का पानी:कानपुर में घर छोड़ने को मजबूर हुए परिवार, बोले- कोई सरकारी मदद नहीं मिली

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 21 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बर्रा-8 की कच्ची बस्ती में घुसा पांडु नदी का पानी:कानपुर में घर छोड़ने को मजबूर हुए परिवार, बोले- कोई सरकारी मदद नहीं मिली

कानपुर में लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से गुरुवार को बर्रा-8 के वरुण विहार की कच्ची बस्ती में पानी घुस गया। कई घरों और झोपड़ियों में पानी भरने से लोगों की गृहस्थी प्रभावित हो गई।

हालात बिगड़ने पर कई परिवार बच्चों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर चले गए हैं, जबकि कुछ परिवार आसपास किराये के कमरों में रहने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई सरकारी मदद नहीं पहुंची है। देखिए 3 तस्वीरें...

बर्रा-8 कच्ची बस्ती में घुसा पानी बस्ती के चंद्रपाल, मनीष और रीता ने बताया कि बुधवार रात अचानक पानी घरों में पहुंचने लगा। अंधेरे में मोबाइल की रोशनी के सहारे बच्चों को घरों से बाहर निकाला गया। देखते ही देखते कई झोपड़ियों में पानी भर गया।

जलभराव के कारण लोग अपने घरों में वापस नहीं जा पा रहे हैं और दूसरों के घरों में गुजर-बसर कर रहे हैं। पानी भरने से बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। रास्ते और घरों में पानी भर जाने से बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने से रफाका नाले में बैकफ्लो की आशंका भी बढ़ गई है।

अगर नदी का पानी नाले में पहुंचता है तो रावतपुर, विजयनगर, दादानगर और बर्रा-7 में जलभराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है। सैकड़ों परिवारों को घर खाली किए स्थानीय लोगों का कहना है कि बर्रा क्षेत्र में यह समस्या हर साल मानसून के दौरान सामने आती है।

नहर और पांडु नदी का जलस्तर बढ़ने पर सैकड़ों परिवारों को घर खाली कर ऊंचे स्थानों पर जाना पड़ता है। लगातार पलायन के बावजूद स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि जब तक पानी का स्तर कम नहीं होता, तब तक उनके लिए घर लौटना संभव नहीं है।

कटरी क्षेत्र के 176 गांवों में अलर्ट जारी वहीं गंगा बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 113.620 मीटर और डाउनस्ट्रीम में 113.470 मीटर दर्ज किया गया है। यहां चेतावनी बिंदु 114 मीटर और खतरे का निशान 115 मीटर है। यानी अपस्ट्रीम में गंगा चेतावनी बिंदु से महज 38 सेंटीमीटर नीचे है। बैराज से 2,99,861 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

गेज रीडर उत्तम पाल के मुताबिक हरिद्वार से 1,34,584 और नरौरा से 91,940 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी मिली है। शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 112.24 मीटर दर्ज किया गया है। यहां चेतावनी बिंदु 113 मीटर और खतरे का निशान 114 मीटर है। इस तरह शुक्लागंज में गंगा चेतावनी बिंदु से 76 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों के साथ कटरी क्षेत्र के 176 गांवों में अलर्ट जारी किया है।

📡 स्रोत: NewsData.io

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