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बस्तर में बाढ़ का कहर, इंद्रावती किनारे डूबे घर; 42 राहत शिविरों में 5 हजार से अधिक लोग

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 27 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बस्तर में बाढ़ का कहर, इंद्रावती किनारे डूबे घर; 42 राहत शिविरों में 5 हजार से अधिक लोग

बस्तर। बस्तर जिले में लगातार चार दिनों तक हुई बारिश के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि, पिछले दो दिनों से बारिश में कमी आई है, लेकिन नदी का जलस्तर अभी भी सामान्य से अधिक बना हुआ है। जलस्तर बढ़ने से जगदलपुर के आसपास के इलाकों सहित इंद्रावती नदी के किनारे बसे कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं।

बड़े चकवा गांव में करीब 35 घर बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। यहां के करीब 150 लोग राहत शिविर में रह रहे हैं। बस्तर जिले में अब तक 42 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 5 हजार से अधिक लोगों को ठहराया गया है।

बाढ़ के कारण ग्रामीणों के घरों में रखा घरेलू सामान पानी में डूब गया है। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन बाढ़ के पानी से फसल और जरूरी सामान को नुकसान पहुंचा है। इससे प्रभावित किसानों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है।

इंद्रावती नदी के बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के कारण नदी किनारे स्थित कई कच्चे और पक्के मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। कुछ स्थानों पर मकानों के ढहने की भी सूचना है।

जगदलपुर क्षेत्र में भी बाढ़ का असर बना हुआ है। आज डोंगाघाट इलाके से 16 लोगों को रेस्क्यू किया गया। प्रशासन और राहत दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्य चला रहे हैं। अब तक करीब 5 हजार से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।