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बस्ती में दिव्यांग प्रमाण-पत्रों में फर्जीवाड़े का संदेह,5 आवेदन पकड़े:सीएमओ की मुहर-हस्ताक्षर वाले 5 सर्टिफिकेट संदिग्ध, जवाब न देने पर होगी FIR

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 1 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बस्ती में दिव्यांग प्रमाण-पत्रों में फर्जीवाड़े का संदेह,5 आवेदन पकड़े:सीएमओ की मुहर-हस्ताक्षर वाले 5 सर्टिफिकेट संदिग्ध, जवाब न देने पर होगी FIR

बस्ती में सिद्धार्थनगर के बाद अब बस्ती में भी दिव्यांग प्रमाण-पत्रों में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यूडीआईडी कार्ड बनाने की ऑनलाइन प्रक्रिया के दौरान पांच संदिग्ध दिव्यांग प्रमाण-पत्रों के आवेदन पकड़े गए हैं। जांच में इन प्रमाण-पत्रों पर सीएमओ और मेडिकल बोर्ड के चिकित्सकों की मुहर व हस्ताक्षर मिले, लेकिन जिला अस्पताल के मूल रजिस्टर में संबंधित प्रमाण-पत्रों का रिकॉर्ड नहीं मिला।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी संबंधित आवेदकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण और प्रमाण मांगे हैं। संतोषजनक जवाब या साक्ष्य नहीं मिलने पर एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन की जांच में सामने आया मामला जिला अस्पताल में प्रत्येक सोमवार को मेडिकल बोर्ड के चिकित्सक दिव्यांग प्रमाण-पत्र के लिए आवेदकों की जांच करते हैं।

जांच के बाद मैनुअल प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है। इसके बाद लाभार्थी या संबंधित विभाग प्रमाण-पत्र को विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन करता है। सीएमओ कार्यालय के संबंधित पटल पर आवेदन और प्रमाण-पत्र की जांच की जाती है। प्रमाण-पत्र सही पाए जाने के बाद आवेदन आगे बढ़ाया जाता है और प्रक्रिया पूरी होने पर यूडीआईडी कार्ड जारी होता है।

मूल रजिस्टर में नहीं मिले नाम ऑनलाइन आवेदनों की जांच के दौरान जब कुछ प्रमाण-पत्र संदिग्ध मिले तो उनकी जारी तिथि के आधार पर जिला अस्पताल के मूल रजिस्टर से मिलान कराया गया। जांच में संबंधित आवेदकों के नाम रजिस्टर में दर्ज नहीं मिले। कुछ प्रमाण-पत्रों पर सीएमओ और मेडिकल बोर्ड के चिकित्सकों की मुहर व हस्ताक्षर प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं।

हालांकि, चिकित्सक की ओर से दर्ज की गई जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी मिली है। इससे प्रमाण-पत्र तैयार किए जाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पुराने प्रमाण-पत्रों की जांच से सामने आ सकता है पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में पिछले एक-दो वर्षों में जारी दिव्यांग प्रमाण-पत्रों का मूल रजिस्टर, मैनुअल प्रमाण-पत्र, ऑनलाइन आवेदन और यूडीआईडी कार्ड से मिलान कराया जाए तो संदिग्ध मामलों की संख्या और फर्जीवाड़े की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

पांच आवेदकों को नोटिस दिव्यांग प्रमाण-पत्र के नोडल अधिकारी डॉ.

एके चौधरी ने बताया कि पांच संदिग्ध दिव्यांग प्रमाण-पत्रों से संबंधित आवेदन पकड़े गए हैं। संबंधित आवेदकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने बताया कि यदि आवेदक संतोषजनक जवाब और प्रमाण उपलब्ध नहीं कराते हैं तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।

📡 स्रोत: NewsData.io

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