बेंच ही गर्म करते रह गए वैभव सूर्यवंशी, AFG के खिलाफ तीसरे टी20 में भी नहीं मिली जगह
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अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20 इंटरनेशनल में भी वैभव सूर्यवंशी को मौका नहीं मिला है. वह पूरी सीरीज में सिर्फ बेंच गर्म करते ही नजर आए.
गुरुवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में हो रहे मुकाबले के लिए भारत के कप्तान श्रेयस अय्यर ने प्लेइंग 11 में एक बदलाव किया, लेकिन यह बदलाव वैभव को लेकर नहीं था बल्कि अर्शदीप सिंह की जगह यश ठाकुर को मौका दिया गया.
टॉप ऑर्डर में खेलने वाले वैभव को संजू सैमसन की शानदार पारी ने टीम में नहीं आने दिया. पहले मैच में फ्लॉप होने वाले संजू ने दूसरे मैच में 57 रनों की बड़ी पारी खेली थी.
इस पारी ने संजू को एक बार फिर तीसरे टी20 में खेलने का मौका दिया.
वैभव ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 खेलते हुए अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया था.
लेकिन अब तक उन्होंने भारत की सरजमीं पर एक भी टी20 इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेला है.
टीम इंडिया को अगली टी20 सीरीज वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलनी है.
अक्टूबर से शुरू होने वाली यह सीरीज भी भारतीय सरजमीं पर खेली जाएगी. अब इसी सीरीज के जरिए वैभव भारत में पहला टी20 खेल सकते हैं.
नजर डालें वैभव के अंतर्राष्ट्रीय करियर पर तो अब तक उन्होंने 6 टी20 इंटरनेशनल खेल लिए हैं.
इन मैचों की 6 पारियों में बैटिंग करते हुए 32.16 की औसत और 189.21 के स्ट्राइक रेट से 193 रन बनाए, जिसमें 2 अर्धशतक शामिल रहे. हाई स्कोर 81 रनों का रहा.
तीसरे टी20 के लिए भारत की प्लेइंग इलेवन
संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, इशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, यश ठाकुर, जसप्रीत बुमराह.
सीरीज जीत चुकी है टीम इंडिया
बताते चलें कि भारतीय टीम ने शुरुआती दोनों मुकाबलों में जीत हासिल करके सीरीज पर 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है.
पहले और दूसरे मैच में भारत ने 7-7 विकेट से जीत अपने खाते में डाली. अब देखना दिलचस्प होगा कि तीसरे टी
📡 स्रोत: ABP Live Khel
💡 पृष्ठभूमि (Background)
यह खबर वैभव सूर्यवंशी के भारत के टी20 टीम में लगातार बेंच पर रहने की बात करती है, जबकि टीम के कप्तान ने तीसरे मैच में बदलाव किया। यह विषय महत्वपूर्ण है क्योंकि यह टीम के चयन और खिलाड़ी के प्रदर्शन पर प्रकाश डालता है, जिससे प्रशंसकों और विश्लेषकों को खिलाड़ी की भूमिका पर सवाल उठाने का मौका मिलता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि युवा क्रिकेटरों को यह सिखने को मिले कि केवल चयन ही पर्याप्त नहीं, बल्कि लगातार प्रदर्शन और अवसरों का सही उपयोग भी ज़रूरी है।