बेंगलुरु में लोन चुकाने को लेकर महिला का अपहरण, मारपीट:घर बुलाकर बंधक बनाया, कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाने का आरोप; दो महिलाएं सहित 3 गिरफ्तार
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बेंगलुरु में लोन की रकम और ब्याज चुकाने को लेकर 30 साल की महिला के अपहरण और मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि उसे घर बुलाकर जबरन दूसरे ठिकाने पर ले जाया गया और कई दिनों तक एक कमरे में बंद रखा गया। इस मामले में दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
महिला ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उससे 11 लाख रुपए चुकाने की मांग की। इस दौरान उसे पीटा गया और कपड़े उतरवाकर उसका वीडियो बनाया गया। आरोप है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उससे पैसे देने का दबाव बनाया गया।
काम के बहाने घर बुलाया, बेटे के साथ ऑटो में ले गए महिला के मुताबिक, उसने करीब दो साल पहले नाजथ से 50 हजार रुपए साप्ताहिक किस्त पर और रेशमा बानू से 1 लाख रुपए मासिक ब्याज पर उधार लिए थे।
आर्थिक परेशानी के कारण वह कुछ हफ्तों से किस्त नहीं चुका पा रही थी। 27 अगस्त को नाजथ ने उसे काम दिलाने और पैसे देने के बहाने मेट्रो लेआउट स्थित अपने घर बुलाया। महिला अपने छोटे बेटे के साथ वहां पहुंची। आरोप है कि कुछ देर बाद रेशमा, उसका पति सुहैल और दो अन्य लोग घर में घुस आए।
उन्होंने महिला के साथ मारपीट की, उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया और चाकू दिखाकर धमकाया। इसके बाद महिला और उसके बेटे को जबरन ऑटो में बैठाकर कुंबलगोडु स्थित एक घर ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, रेशमा का इस घर की पहली मंजिल पर कब्जा था।
डंडे से पीटा, कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाया शिकायत के मुताबिक, कुंबलगोडु पहुंचने के बाद महिला को एक कमरे में बंद कर दिया गया। आरोप है कि वहां उसे डंडे से पीटा गया और 11 लाख रुपए देने के लिए धमकाया गया। 29 अगस्त को आरोपियों ने महिला को कपड़े उतारने के लिए मजबूर किया और मोबाइल से उसका वीडियो बनाया।
इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि सुहैल ने उसे देह व्यापार में धकेलने की धमकी दी थी। महिला का बड़ा बेटा 29 अगस्त को उसकी मां के घर भेज दिया गया, जबकि महिला को वहीं बंधक बनाकर रखा गया।
वकील के पास ले जाकर कागजों पर साइन कराए 30 अगस्त को आरोपी महिला को सिटी मार्केट के पास एक वकील के पास ले गए। शिकायत के मुताबिक, वहां उससे कुछ कागजों पर हस्ताक्षर करवाए गए। इसके बाद उसे फिर कुंबलगोडु वाले घर में ले जाया गया। 31 अगस्त को महिला ने टॉयलेट जाने का बहाना बनाया। इसी दौरान उसने पुलिस को सूचना दी। जानकारी
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत
इस दुखद घटना से हमें यह सिखने को मिलता है कि आर्थिक विवादों का हल हमेशा कानूनी माध्यमों से ही खोजा जाना चाहिए। जब किसी को ऋण की समस्या हो, तो बैंक या अदालत से सहायता माँगना बेहतर है, न कि हिंसा या अपमान का सहारा लेना। समाज को ऐसे मामलों में सहानुभूति और समर्थन का माहौल बनाना चाहिए, ताकि पीड़ितों को न्याय और सुरक्षा मिले।