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बेतिया में पुलिस हिरासत में फाइनेंस कर्मी की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 13 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
बेतिया में पुलिस हिरासत में फाइनेंस कर्मी की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

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बेतिया में पुलिस हिरासत में फाइनेंस कर्मी की मौत, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

पश्चिम चंपारण के बेतिया में दिलशाद अंसारी (25) की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। पुलिस ने वाहन से कूदकर घायल होने की बात कही, जबकि परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की।

12 अक्टूबर , बेतिया (पश्चिम चंपारण , बिहार) : पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अवरहिया बढ़ई टोला, वार्ड संख्या तीन निवासी 25 वर्षीय फाइनेंस कर्मी दिलशाद अंसारी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। रविवार देर रात करीब दो बजे पुलिस की दो गाड़ियां उसके घर पहुंचीं और उसे अपने साथ ले गईं। बाद में परिजनों को बताया गया कि दिलशाद को एनडीपीएस (स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ) से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया है। कुछ ही समय बाद उसकी मौत की सूचना मिलने से परिवार में मातम छा गया।

मृतक के पिता अकबर अंसारी के अनुसार, पुलिस ने परिजनों को बताया कि दिलशाद पुलिस वाहन से कूदकर भागने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान गिरने से उसका पैर टूट गया और सिर में गंभीर चोट लगी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस की ओर से बताई गई घटना की परिस्थितियों पर परिजनों ने सवाल उठाए हैं। मृतक के पिता ने साजिश के तहत हत्या किए जाने का आरोप लगाया है, जबकि उसकी पत्नी नगमा खातून ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

परिजनों का कहना है कि दिलशाद के सिर के पिछले हिस्से में चोट लगने और उसकी मौत की परिस्थितियों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। परिवार यह जानना चाहता है कि आखिर किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। फिलहाल, पुलिस के बताए घटनाक्रम और परिजनों के आरोपों के बीच मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

दिलशाद एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था और तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके परिवार में पत्नी नगमा खातून और चार माह की एक बेटी है। उसकी मौत से बच्ची के सिर से पिता का साया उठ गया है। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद से परिजन गहरे सदमे में हैं और उन्हें मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिलशाद अंसारी के खिलाफ एनडीपीएस समेत कई आपराधिक मामले दर्ज थे। इसी सिलसिले में पुलिस उसे देर रात घर से अपने साथ ले गई थी। पुलिस की ओर से वाहन से कूदकर भागने के प्रयास में घायल होने की बात बताई गई है, जबकि परिजनों ने उसकी मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

मामले में मौत की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच अहम है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों से ही मौत के कारणों तथा घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।

इस स्टोरी फोल्डर में :

बाइट - अकबर अंसारी ( मृतक के पिता)

Caption : पश्चिम चंपारण के बेतिया में दिलशाद अंसारी (25) की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। पुलिस ने वाहन से कूदकर घायल होने की बात कही, जबकि परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की।

🎙️ वॉयस ऑफ क्रांति का मत

दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ हमें यह याद दिलाती हैं कि किसी भी विवाद में शांतिपूर्ण संवाद और कानूनी मार्ग सबसे भरोसेमंद विकल्प हैं। जब भी कोई मतभेद उत्पन्न हो, तो आपसी समझ और सहानुभूति से समाधान खोजें, न कि हिंसा से। समाज को चाहिए कि न्यायिक प्रक्रियाओं पर भरोसा बढ़े और सभी को यह विश्वास दिलाया जाए कि कानून के भीतर हर आवाज़ सुनी जाती है। इस प्रकार हम एक सुरक्षित और समरस समाज की ओर बढ़ सकते हैं।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।