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भागवत न्यूयॉर्क में दुनिया के पहले इस्कॉन मंदिर पहुंचे:बोले- विश्व में कई तरह के संघर्ष, कृष्ण चेतना से ही शांति आ सकती है

लेखक: JKS News Desk अंतिम अपडेट: 28 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भागवत न्यूयॉर्क में दुनिया के पहले इस्कॉन मंदिर पहुंचे:बोले- विश्व में कई तरह के संघर्ष, कृष्ण चेतना से ही शांति आ सकती है

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में दुनिया के पहले इस्कॉन सेंटर का दौरा किया। मंदिर में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज दुनिया में कई तरह के संघर्ष हैं। ऐसे समय में ‘कृष्ण चेतना’ शांति ला सकती है।

उन्होंने कहा कि दुनिया में भले ही अलग-अलग तरह की विविधताएं, मतभेद और संघर्ष हों, लेकिन अगर लोगों को यह समझ आने लगे कि सब कुछ कृष्ण का ही हिस्सा है, तो दुनिया में बेहतर और शांतिपूर्ण माहौल बनाया जा सकता है। भागवत 26 सेकंड एवेन्यू स्थित उस जगह पर भी पहुंचे, जहां स्वामी प्रभुपाद ने जुलाई 1966 में इस्कॉन की स्थापना की थी।

इसे मैचलैस गिफ्ट्स भी कहा जाता है। इस्कॉन इस साल अपनी स्थापना की 60वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस्कॉन के 120 देशों में 1,300 मंदिर हैं। 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर में भागवत का कार्यक्रम RSS प्रमुख 25 अगस्त को न्यूयॉर्क पहुंचे थे। वे RSS के 100 साल पूरे होने के मौके पर तीन देशों, अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन दौरे पर हैं।

इस दौरान वे भारतीय समुदाय और अलग-अलग संगठनों के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले हैं। भागवत 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में ‘यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन’ कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। यह कार्यक्रम RSS के 100 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों का हिस्सा है।

यह कार्यक्रम रक्षाबंधन के मौके पर आयोजित किया जा रहा है। अमेरिकन हिंदूज फॉर एंगेजमेंट एंड डायलॉग (AHEAD) फोरम आयोजक है। कार्यक्रम में भागवत का संबोधन भी होगा।

कार्यक्रम में अलग-अलग धर्मों के लोग होंगे शामिल न्यूयॉर्क में भागवत के कार्यक्रम में शामिल होने वाले आचार्य महामंडलेश्वर श्री स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि कार्यक्रम का विरोध करने वालों को अपनी राय रखने और आलोचना करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम दुनिया को भाईचारे और शांति का संदेश देगा।

RSS के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने इसे अंतरधार्मिक कार्यक्रम बताया। उनके मुताबिक, इसमें अलग-अलग संस्कृतियों और धर्मों को मानने वाले लोग शामिल होंगे। हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने जारी की सुरक्षा सलाह कार्यक्रम से पहले हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है।

संगठन ने लोगों से सतर्क रहने, आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने और किसी भी विवाद से बच

📡 स्रोत: Dainik Bhaskar

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