भागीरथपुरा दूषित पानी कांड- आज हाईकोर्ट में सुनवाई:600 पेजों की जांच रिपोर्ट पर होगी बहस; जिम्मेदारों पर कार्रवाई और मुआवजा अहम मुद्दे
ताज़ा खबरों से अपडेट रहने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ेंJoin करें →नइंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 36 लोगों की मौत के मामले पर सोमवार को हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में सुनवाई होगी। मामले से जुड़ी 7 जनहित याचिकाओं पर होने वाली सुनवाई में एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की अंतिम रिपोर्ट अहम रहेगी। करीब 600 पन्नों की जांच रिपोर्ट हाई कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड की जा चुकी है।
अब याचिकाकर्ताओं और अन्य पक्षों ने रिपोर्ट का अध्ययन कर अपनी दलीलों की तैयारी की है। सुनवाई के दौरान जांच आयोग की रिपोर्ट में सामने आई तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाहियों पर पक्षकार अपनी बात रख सकते हैं। रिपोर्ट में पाइपलाइन व्यवस्था, मेंटेनेंस, मॉनिटरिंग और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन बदलने में हुई देरी सहित कई स्तरों पर जिम्मेदारी तय किए जाने की बात सामने आई है।
कोर्ट के सामने यह सवाल भी उठ सकता है कि रिपोर्ट में सामने आई जिम्मेदारियों के आधार पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे। सुनवाई में हादसे में जान गंवाने वाले 36 लोगों के परिवारों और दूषित पानी से प्रभावित होकर बीमार हुए लोगों के मुआवजे का मुद्दा भी महत्वपूर्ण रहेगा।
पीड़ित परिवारों की ओर से मुआवजा बढ़ाने और राहत के संबंध में मांगें रखे जाने की संभावना है। नगर निगम और प्रशासन की जवाबदेही जांच रिपोर्ट में घटना को किसी एक दिन की चूक के बजाय लंबे समय से चली आ रही तकनीकी और प्रशासनिक कमियों का परिणाम बताया गया है। ऐसे में सुनवाई के दौरान नगर निगम और जिला प्रशासन की जवाबदेही भी प्रमुख मुद्दा रह सकती है।
रिपोर्ट पर अब कोर्ट का रुख महत्वपूर्ण एक सदस्यीय आयोग की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद यह पहली महत्वपूर्ण सुनवाई है, जिसमें पक्षकार रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर अपनी दलीलें रखेंगे। ऐसे में सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि हाई कोर्ट रिपोर्ट में सामने आई लापरवाहियों और जिम्मेदारियों को लेकर क्या रुख अपनाता है और सरकार से आगे की कार्रवाई को लेकर क्या जवाब मांगता है।
📡 स्रोत: NewsData.io