एक भाई ऐसा भी… बहन की पढ़ाई के लिए दो साल तक बचाई पॉकेट मनी, रक्षाबंधन पर दिए 51 हजार रुपए

तीन वर्षीय बहन के नाम होगी एफडी, भाई-बहन के इस अनूठे प्यार ने दिया समाज को बेटियों की शिक्षा के प्रति गंभीर होने का संदेश
बुरहानपुर। रक्षाबंधन केवल राखी बांधने और उपहार देने का पर्व ही नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम, स्नेह, विश्वास और जिम्मेदारी का भी प्रतीक है।
बुरहानपुर में इस रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम और एक भाई की अपनी बहन के भविष्य के प्रति चिंता की ऐसी अनूठी मिसाल देखने को मिली, जिसने समाज को बेटियों की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति गंभीर होने का सकारात्मक संदेश दिया है।
सशक्त पत्रकार समिति के प्रदेश अध्यक्ष उमेश जंगाले के सुपुत्र भव्य जंगाले ने अपनी मात्र तीन वर्षीय बहन मानवी जंगाले की शिक्षा और भविष्य की चिंता करते हुए अपनी पॉकेट मनी से लगातार दो वर्षों तक बचत की। छोटी-छोटी जरूरतों और अपनी इच्छाओं को सीमित कर भाई ने अपनी पॉकेट मनी के रुपए जोड़ते हुए 51 हजार रुपए की राशि जमा की।
रक्षाबंधन के पावन अवसर पर भाई ने अपनी बहन को कोई खिलौना, महंगा कपड़ा या अन्य उपहार देने के बजाय 51 हजार रुपए नगद दिए, ताकि इस राशि की उसकी बहन के नाम एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) कराई जा सके। भविष्य में यह राशि उसकी शिक्षा और पढ़ाई में काम आ सकेगी।
उनके पिता उमेश जंगाले ने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर पर भाई का यह अनमोल उपहार केवल एक बहन के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है। बेटियां केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि उनका उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करना हर परिवार का कर्तव्य है।
यदि बचपन से ही बेटियों की शिक्षा, संस्कार और भविष्य के प्रति गंभीरता दिखाई जाए तो वे आगे चलकर परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर सकती हैं। आज भी समाज में बेटियों को लेकर सोच बदलने और उनकी शिक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।
ऐसे समय में इस भाई ने अपनी छोटी बहन के लिए एफडी की राशि देकर यह साबित कर दिया कि सच्चा प्रेम केवल शब्दों में नहीं, बल्कि भविष्य को सुरक्षित करने वाली जिम्मेदारी में भी दिखाई देता है।
रक्षाबंधन पर भाई का यह कदम समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है— “बेटी को केवल प्यार और उपहार ही नहीं, बल्कि शिक्षा और सुरक्षित भविष्य का अधिकार भी दीजिए।” वास्तव में, एक भाई ऐसा भी… जिसने रक्षाबंधन पर बहन को ऐसा उपहार दिया, जो उसकी जिंदगी संवारने में काम आएगा।