राजनीति

भाजपा ने मोर्चों के प्रभारियों में किया बदलाव, युवा, महिला, किसान समेत सात मोर्चों की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 10 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर विभिन्न मोर्चों के प्रभारियों में बदलाव करते हुए युवा, महिला, किसान, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक मोर्चों की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को सौंपी है। पार्टी के इस फेरबदल को अलग-अलग सामाजिक वर्गों के बीच संगठनात्मक गतिविधियों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पार्टी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक हरीश द्विवेदी को भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रभारी बनाया गया है, जबकि डी. पुरंदेश्वरी को महिला मोर्चे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। संजय भाटिया अनुसूचित जाति मोर्चे और बैजयंत पांडा अन्य पिछड़ा वर्ग मोर्चे के प्रभारी होंगे।

इसी क्रम में लाल सिंह आर्य को किसान मोर्चे का प्रभारी बनाया गया है। सतीश पूनिया अनुसूचित जनजाति मोर्चे का प्रभार संभालेंगे, जबकि गजेंद्र पटेल को अल्पसंख्यक मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है।

भाजपा के विभिन्न मोर्चे पार्टी के संगठनात्मक विस्तार और समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच संपर्क बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। युवा, महिला, किसान, एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक मोर्चों के माध्यम से पार्टी संबंधित वर्गों के बीच संगठनात्मक गतिविधियों, कार्यक्रमों और जनसंपर्क को आगे बढ़ाती है।

नियुक्त किए गए प्रभारियों को अपने-अपने मोर्चों के संगठनात्मक कामकाज, कार्यक्रमों और गतिविधियों के संचालन के साथ पार्टी की नीतियों एवं संगठनात्मक संदेश को संबंधित सामाजिक वर्गों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभानी होगी। भाजपा के इस बदलाव के जरिए विभिन्न वर्गों के बीच संगठन की सक्रियता और समन्वय को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।