भाजपा पार्षद ने ही खोली झूठे विकास की पोल, अब क्या कार्रवाई करेगी सरकार: पंकज डावर

भाजपा पार्षद ने ही खोली झूठे विकास की पोल, अब क्या कार्रवाई करेगी सरकार: पंकज डावर -भाजपा पार्षद का ऑडियो वायरल, कांग्रेस ने सरकार पर बोला हमला गुडग़ांव। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष (शहरी) पंकज डावर ने भाजपा पर हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि भाजपा के एक पार्षद द्वारा अपने वार्ड की गंभीर समस्या को लेकर मेयर को भेजे गए एक ऑडियो मैसेज से ट्रिपल इंजन सरकार की हकीकत उजागर की है। उन्होंने यह बता दिया है कि विकास के नाम पर सिर्फ छलावा हो रहा है।
डावर ने कहा कि विपक्ष की आवाज बंद करने के लिए तो एफआईआर कर दी जाती है, अब क्या भाजपा अपने पार्षद पर भी एफआईआर कराएगी या शहर की समस्याओं का समाधान करेगी। डावर ने कहा कि भाजपा के पार्षद ने अपनी ही तानाशाह सरकार में सच बोलने की हिम्मत दिखाई है, इसके लिए वे बधाई के पात्र हैं।
भाजपा पार्षद ने मेयर को भेजे ऑडियो मैसेज में कहा कि उनके वार्ड नंबर-7 देवीलाल नगर में हालात बेहद खराब हैं। एक व्यक्ति मौत होने पर अर्थी निकालने तक का रास्ता नहीं था। क्योंकि गली में पानी भरा था। जिस घर में मौत हुई, उस परिवार के लोगों ने पार्षद से सवाल किए तो वे कुछ जवाब नहीं दे पाए।
पार्षद ने खुद कहा कि-उस परिवार के ताने सुनकर मन करता है कि रेजिग्नेशन दे दूं, भूख हड़ताल पर बैठ जाऊं, मीडिया बुला लूं। पार्षद ने ऑडियो मैसेज में कहा कि जेई कहता है पानी भरा है, सीवर कनेक्शन कैसे काटूं। जब तक सबमर्सिबल सील नहीं होगा ऐसे ही भरेगा। ना कमिश्नर सुन रहे हैं, ना मेयर सुन रही हैं।
अपने कार्यकाल का डेढ़ साल सीवर के चक्कर में निकल गया। पार्षद कहते हैं-शर्म मुझे और अधिकारियों को आनी चाहिए। पंकज डावर ने कहा कि भाजपा पार्षद खुद इस बात को कह रहे हैं कि मौत होने पर निकलने का रास्ता नहीं है। इससे साफ है कि भाजपा में किस तरह से लोगों का दम घुट रहा है। आंतरिक विद्रोह अब सार्वजनिक हो रहा है।
उन्होंने कहा कि बरसात में अधिकारियों का भीगना सिर्फ मीडिया की सुर्खियां हैं, समाधान नहीं। शहर कूड़े से सड़ रहा है, बाजारों, गलियों, सडक़ों और डिवाइडरों पर गंदगी के ढेर लगे हैं, निगम के दावे सिर्फ कागजों पर हैं। पंकज डावर ने कहा कि पार्षद ने सिर्फ एक वार्ड की पोल नहीं खोली, बल्कि ऐसी हकीकत लगभग हर वार्ड की है।
कहीं पर भी काम नहीं हो रहे। निगम सदन की बैठकों का कुछ अता-पता नहीं है। मेयर के रूप में सिर्फ स्टैंप हैं। उनके पास ना कोई विजन है ना कोई काम करने का तजुर्बा। अधिकारियों के साथ बैठकों में हां में हां मिलना ही शायद उनके मेयर के कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि रहेगी।
मेयर का पद बहुत ही जिम्मेदारी का पद होता है, लेकिन भाजपा ने शहर को ऐसा मेयर दी है, जो जनता की आवाज नहीं उठा सकतीं। किसी बात का विरोध नहीं कर सकतीं। ऐसा इसलिए कह रहे हैं कि जनता की भलाई, शहर के विकास के लिए उन्होंने अब तक कुछ नहीं किया है। उन्हें नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
जनता को ऐसे स्टैंप जनप्रतिनिधि नहीं चाहिए। अधिकारी तो बेलगाम ही हैं। पार्षदों को कुछ नहीं समझते। उन पर एक्शन सरकार लेगी, यह सोचना भी बेमानी है।
📡 स्रोत: NewsData.io