भाजपा प्रवक्ता के खिलाफ पोस्ट डिलीट करेंगे CJP नेता:सौरव दास-आशुतोष रांका ने HC में दी सहमति; गौरव भाटिया ने ₹2 करोड़ हर्जाना मांगा
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भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया की मानहानि याचिका पर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका से विवादित सोशल मीडिया पोस्ट पर जवाब मांगा। दोनों ने पोस्ट हटाने पर सहमति जताई गई और कहा कि 24 घंटे में डिलीट कर दिया जाएगा। विवाद एक AI से बने ग्राफिक से जुड़ा है।
इसमें एक CJP कार्यकर्ता के पिता से मारपीट करने वाले आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर भाटिया का बयान उनकी तस्वीर और नाम से शेयर किया गया था। भाटिया ने इसे फर्जी बताया था। भाटिया ने ₹2 करोड़ हर्जाने के साथ विवादित पोस्ट दोबारा शेयर करने पर रोक की मांग की है। उनका आरोप है कि दास और रांका ने उनकी तस्वीर के साथ फर्जी बयान शेयर किया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा।
क्या था फर्जी बयान वाला विवाद?
मामला CJP कार्यकर्ता नीशू आजाद के पिता संजय कुमार पर हमले से जुड़ा है। CJP ने आरोप लगाया था कि स्वतंत्र भारद्वाज और अन्य लोगों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान संजय कुमार के साथ मारपीट की। इसी मामले को लेकर CJP ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई और FIR की मांग की थी। विवाद के बीच सौरव दास ने एक ग्राफिक शेयर किया, जिसमें गौरव भाटिया की तस्वीर के साथ स्वतंत्र भारद्वाज को ‘दिमागी नक्सल’ बताए जाने सहित कई बातें उनके नाम से लिखी थीं।
भाटिया ने ऐसा बयान देने से इनकार करते हुए इसे फर्जी बताया था। दास ने बाद में पोस्ट डिलीट कर सफाई दी कि ग्राफिक AI से बनाया गया था। हालांकि, उन्होंने भाजपा पर भी सवाल उठाए और पूछा कि पार्टी स्वतंत्र भारद्वाज के मामले पर क्या रुख रखती है। आशुतोष रांका पर आरोप है कि उन्होंने दास के पोस्ट को दोबारा शेयर कर विवादित कंटेट को बढ़ावा दिया।
कोर्ट बोला- विरोध के कई तरीके, बिना जांचे हमला करना सही नहीं जस्टिस तुषार राव गेडेला ने सुनवाई के दौरान कहा कि विरोध करने के कई तरीके होते हैं। उन्होंने दास और रांका के वकीलों से कहा कि अगर आरोपी खुद सामग्री हटा देते हैं तो हमें पोस्ट हटाने का आदेश देने की जरूरत नहीं होगी। जज ने कहा- आपको अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन बिना जांच के इस तरह हमला करना सही नहीं है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि अपनी बात को अधिक स्पष्ट और बेहतर तरीके से रखा जाना चाहिए, ताकि उसका उद्देश्य सही तरीके से सामने आए। दास के वकील बोले- पोस्ट पहले ही डिलीट किया
📡 स्रोत: Dainik Bhaskar
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया पर मानहानि की याचिका के तहत दिल्ली हाईकोर्ट ने CJP के प्रवक्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका से विवादित पोस्ट हटाने का आदेश दिया। यह विषय सोशल मीडिया पर फैले AI‑जनित ग्राफिक से जुड़ा है, जिसमें दावेदार स्वतंत्र भारद्वाज पर भाटिया के आरोपों के कारण विवाद हुआ। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह राजनीतिक प्रवक्ताओं के बीच वैर को उजागर करती है और दिखाती है कि उच्च न्यायालय भी सार्वजनिक विमर्श में डिजिटल सामग्री पर नियंत्रण रखता है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि राजनेताओं