'भारत के चिनाब डैम को मिसाइल से उड़ा देंगे मुनीर', नवाज के करीबी पाकिस्तानी एक्सपर्ट की गीदड़भभकी
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भारत की बढ़ती सामरिक ताकत और दुनिया भर में मिल रही कूटनीतिक सफलताओं से पाकिस्तान के हुक्मरानों और वहां के कथित रक्षा विशेषज्ञों की नींद उड़ चुकी है। आए दिन पाकिस्तान की तरफ से ऐसी बौखलाहट भरी और गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी सामने आती रहती है, जो दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ाने का काम करती है।
ताजा मामला एक बार फिर से पाकिस्तान के एक जाने-माने और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के करीबी माने जाने वाले रक्षा एक्सपर्ट का सामने आया है, जिन्होंने खुलेआम भारत के खिलाफ जहर उगला है।
इस पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने अपनी एक टीवी डिबेट के दौरान गीदड़भभकी देते हुए यहां तक कह दिया है कि पाकिस्तान अपनी मिसाइलों से भारत के चिनाब डैम को निशाना बनाकर उड़ा सकता है।
इस तरह के बचकाने और भारत विरोधी बयानों से पाकिस्तान की ओछी मानसिकता एक बार फिर बेनकाब हो गई है, जबकि हकीकत यह है कि आज का नया भारत अपने दुश्मनों को उनकी ही भाषा में करारा जवाब देना अच्छी तरह जानता है।
आज के इस विस्तृत लेख में हम इस पूरे मामले की गहराई से समीक्षा करेंगे और जानेंगे कि किस तरह पाकिस्तान के ऐसे तथाकथित एक्सपर्ट्स अपनी अवाम को मूर्ख बनाने के लिए इस तरह की कोरी धमकियां देते रहते हैं।
क्या है पूरा मामला और क्यों बौखलाया हुआ है पाकिस्तान यह पूरी घटना तब सामने आई जब पाकिस्तान के एक प्रमुख न्यूज चैनल पर भारत की वाटर डिप्लोमेसी और सिंधु जल समझौते से जुड़े मामलों पर चर्चा चल रही थी।
इस डिबेट के दौरान नवाज शरीफ के बेहद करीबी और पाकिस्तान के रक्षा मामलों के विश्लेषक कहे जाने वाले उस शख्स ने अंतरराष्ट्रीय नियमों और मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर भारत के बुनियादी ढांचे को तबाह करने की धमकी दे डाली।
उसने दावा किया कि पाकिस्तान की मिसाइलें इतनी ताकतवर हैं कि वे चिनाब नदी पर बने बांधों और डैम को पलक झपकते ही नेस्तनाबूद कर सकती हैं। इस तरह की धमकियां देना दरअसल पाकिस्तान की गहरी लाचारी और कूटनीतिक हार को साफ तौर पर दर्शाता है।
भारत लगातार जम्मू-कश्मीर और अन्य क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिख रहा है, और चिनाब नदी पर बनने वाले हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से देश को ऊर्जा के मोर्चे पर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
पाकिस्तान की यह फितरत रही है कि जब वह भारत के विकास का मुकाबला कूटनीतिक या आर्थिक मोर्चे पर नहीं कर पाता, तो उसके नेता और एक्सपर्ट इस तरह की गीदड़भभकियां देकर अपनी जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं।
चिनाब नदी और बांधों का रणनीतिक महत्व तथा भारत की तैयारी चिनाब नदी भारत के उत्तरी राज्य जम्मू-कश्मीर के लिए आर्थिक, कृषि और ऊर्जा के दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण जलस्रोत है।
भारत सरकार इस नदी के पानी का अधिकतम और वैध उपयोग करने के लिए कई महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है, जिससे इस क्षेत्र के लोगों को निर्बाध बिजली और सिंचाई की सुविधा मिल सके।
अंतरराष्ट्रीय जल संधियों के दायरे में रहकर भारत अपनी सीमा के भीतर बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहा है, जिससे पाकिस्तान की सांसे अटकी हुई हैं। पाकिस्तान को इस बात का हमेशा डर सताता रहता है कि यदि भारत ने पानी के प्रवाह को अपने नियमों के मुताबिक नियंत्रित कर लिया, तो पाकिस्तान की उपजाऊ जमीनें बंजर हो जाएंगी।
यही कारण है कि पाकिस्तानी मीडिया और वहां के तथाकथित रणनीतिकार समय-समय पर भारत के बांधों को बम से उड़ाने या मिसाइल से नेस्तनाबूद करने जैसी गिद्ध दृष्टि वाली बातें करते रहते हैं। लेकिन भारत की रक्षा एजेंसियां और हमारी सेनाएं देश की हर एक संपत्ति और सीमा की सुरक्षा के लिए चौबीसों घंटे पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद हैं।
पाकिस्तानी एक्सपर्ट्स की खोखली धमकियां और उनकी अपनी अर्थव्यवस्था का हाल एक तरफ जहां पाकिस्तान के तथाकथित एक्सपर्ट्स भारत के खिलाफ एटम बम और मिसाइलें चलाने की बड़ी-बड़ी डींगें हांकते हैं, वहीं दूसरी तरफ पूरी दुनिया जानती है कि आज पाकिस्तान की अपनी अर्थव्यवस्था किस बदतर दौर से गुजर रही है।
जिस देश की जनता को दो वक्त की रोटी और आटे के लिए लंबी-लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता हो, जो देश आज आईएमएफ (IMF) के कर्ज और भीख के टुकड़ों पर अपनी सरकार चला रहा हो, उस देश के मुंह से इस तरह की गीदड़भभकियां शोभा नहीं देतीं।
पाकिस्तान के इन एक्सपर्ट्स को यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि आज का भारत साल 2014 से पहले वाला भारत नहीं है।
सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के जरिए भारत ने दुनिया को यह पहले ही दिखा दिया है कि यदि कोई देश या उसकी सरपरस्ती में पलने वाले आतंकवादी भारत की तरफ आंख उठाने की कोशिश करेंगे, तो उन्हें घर में घुसकर मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
इस तरह की बकवास करने वाले पाकिस्तानी विश्लेषक केवल अपने देश के टीवी स्टूडियो की टीआरपी बढ़ाने और वहां की सेना को खुश करने के लिए ऐसी बयानबाजी करते हैं, जिन्हें भारत में कोई भी गंभीरता से नहीं लेता।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पाकिस्तान का बेनकाब होता असली चेहरा जब भी कोई पाकिस्तानी नेता या रक्षा विशेषज्ञ इस तरह की आक्रामक और युद्ध भड़काने वाली भाषा का इस्तेमाल करता है, तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पाकिस्तान का असली आतंकवादी और अस्थिर चेहरा बेनकाब हो जाता है।
दुनिया के तमाम विकसित देश आतंकवाद को पनाह देने वाले और ऐसी धमकियां देने वाले राष्ट्रों को अब शक की निगाह से देखते हैं। भारत ने हमेशा शांति और क्षेत्रीय सहयोग की नीति का पालन किया है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा पर किसी भी प्रकार के हमले की धमकी को बर्दाश्त कर लेगा।
भारतीय रक्षा मंत्रालय और सामरिक विशेषज्ञ इस तरह की हरकतों पर पैनी नजर बनाए रखते हैं। अंत में यही कहा जा सकता है कि पाकिस्तान के इन तथाकथित एक्सपर्ट्स की गीदड़भभकियां केवल उनकी अपनी राजनीतिक कुंठा और खीझ का प्रतीक हैं, जिनका भारतीय जमीनी हकीकत पर कोई असर पड़ने वाला नहीं है।
भारत अपने विकास के रास्ते पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा और दुश्मन देशों के ऐसे नापाक मंसूबे हमेशा की तरह धूल में मिलते रहेंगे।
📡 स्रोत: NewsData.io