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भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 52, संरक्षण कार्यक्रम के 4 साल पूरे

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 25 सितंबर 2026 👁️ 1 बार पढ़ा गया
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भारत में चीतों की संख्या बढ़कर 52, संरक्षण कार्यक्रम के 4 साल पूरे

सितंबर 17, नई दिल्ली: भारत में चीता संरक्षण कार्यक्रम के चार वर्ष पूरे होने पर देश में चीतों की संख्या बढ़कर 52 हो गई है। चार वर्ष पहले नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से चीतों को भारत लाया गया था। यह बड़े मांसाहारी वन्यजीवों के अंतरमहाद्वीपीय पुनर्वास का दुनिया का पहला प्रयास था।

कार्यक्रम के तहत देश में अब तक 32 शावकों का जन्म हुआ है। 52 चीतों में से 49 कूनो राष्ट्रीय उद्यान और तीन गांधी सागर अभयारण्य में हैं। 17 सितंबर 2022 से 17 सितंबर 2026 तक की स्थिति समीक्षा के अनुसार, इनमें नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए जीवित चीते और उनकी संतानों के साथ बोत्सवाना से हाल में लाए गए चीते भी शामिल हैं।

कूनो राष्ट्रीय उद्यान के अनुसार, प्रजनन करने वाली मादा चीतों की स्थापना और दूसरी पीढ़ी के शावकों का जीवित रहना भारत में चीता पुनर्वास कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। FILE PHOTO

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भारत में चीतों की संख्या 52 तक बढ़ने का यह समाचार चीतों के अंतरमहाद्वीपीय पुनर्वास कार्यक्रम के चार वर्ष पूरे होने पर आधारित है। इस कार्यक्रम के तहत नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से चीतों को लाकर कूनो राष्ट्रीय उद्यान में रखा गया। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि संरक्षण प्रयास सफल हो सकते हैं और जैव विविधता को बढ़ावा देने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भूमिका कितनी अहम है। आम जनता पर इसका असर यह हो सकता है कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़े, पर्यटन में वृद्धि हो और स्थानी

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।