भारत में दुनिया का सबसे बड़ा प्रेडिक्शन प्लेटफॉर्म 'पॉलीमार्केट' बैन, लेकिन क्यों?
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भारत में ऑनलाइन गेमिंग और पैसों से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सरकारी निगरानी लगातार सख्त हो रही है.
इसी कड़ी में प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म पॉलीमार्केट पर भी प्रतिबंध लगाया गया है.
यह प्लेटफॉर्म चुनाव, क्रिकेट और दुनिया की बड़ी घटनाओं के संभावित नतीजों पर पैसे लगाने का विकल्प देता है.
अब भारत में इसकी वेबसाइट के साथ-साथ सोशल मीडिया पर मौजूद आधिकारिक अकाउंट को लेकर भी कार्रवाई हुई है.
भारत में क्यों लगाया गया प्रतिबंध?
भारत सरकार ने ऑनलाइन पैसों वाले गेम और सट्टेबाजी से जुड़े प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने के लिए कानूनी कदम उठाए हैं.
प्रोमोशन एंड रेगुलेशन औफ ओनलाइंन गेमिंग एक्ट, 2025 के तहत वास्तविक पैसे के लेनदेन वाले ऑनलाइन गेम पर प्रतिबंध लगाया गया.
इससे ऐसे प्लेटफॉर्म भी प्रभावित हुए, जहां यूजर्स पैसे लगाकर संभावित नतीजों से कमाई करने की कोशिश करते हैं.
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 25 अप्रैल 2026 को जारी सलाह में पॉलीमार्केट जैसे प्लेटफॉर्म का उल्लेख किया.
इसके बाद वेबसाइट तक पहुंच रोकने के लिए कार्रवाई की गई.
क्या है पॉलीमार्केट और कैसे करता है काम?
पॉलीमार्केट एक ऑनलाइन प्रेडिक्शन मार्केट है, जहां लोग वास्तविक दुनिया की घटनाओं के संभावित परिणामों से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट खरीदते और बेचते हैं.
इसमें अमेरिकी चुनाव, विभिन्न देशों की राजनीति, आर्थिक फैसलों, खेल प्रतियोगिताओं और मनोरंजन जगत से जुड़े सवाल शामिल हो सकते हैं.
इस प्लेटफॉर्म पर किसी घटना के संभावित नतीजे के आधार पर ट्रेडिंग होती है.
यूजर्स किसी विकल्प के सही साबित होने की संभावना को ध्यान में रखकर पैसा लगाते हैं.
परिणाम उनके अनुमान के मुताबिक आने पर उन्हें फायदा हो सकता है, जबकि गलत अनुमान लगाने पर नुकसान उठाना पड़ सकता है. इस तरह की ट्रेडिंग में डिजिटल करेंसी का भी इस्तेमाल होता है.
खास तौर पर USDC जैसी स्टेबलकॉइन के जरिए लेनदेन किया जा सकता है.
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📡 स्रोत: ABP Live Vyapar