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भारत का मखाना: बढ़ती मांग, वैश्विक पहुंच

लेखक: DD News अंतिम अपडेट: 24 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भारत का मखाना: बढ़ती मांग, वैश्विक पहुंच

24 अगस्त, नई दिल्ली: भारत का मखाना सेक्टर तेजी से उभरता हुआ कृषि-खाद्य क्षेत्र बन रहा है। मखाना, जिसे फॉक्स नट भी कहा जाता है, अपने पोषण मूल्य, स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता और वैश्विक मांग में वृद्धि के कारण लोकप्रिय हो रहा है।भारत दुनिया का सबसे बड़ा मखाना उत्पादक देश है।

देश के कुल मखाना उत्पादन में बिहार की हिस्सेदारी लगभग तीन-चौथाई है, जबकि वैश्विक आपूर्ति में बिहार की हिस्सेदारी लगभग 80–85 प्रतिशत है।मखाना निर्यात में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। भारत का मखाना निर्यात 2020 में 7,260 मीट्रिक टन से बढ़कर 2024 में 25,130 मीट्रिक टन हो गया।

स्वस्थ और प्रीमियम स्नैक्स की मजबूत मांग के कारण घरेलू कीमतों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।मखाना क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से कई पहल की जा रही हैं। इनमें राष्ट्रीय मखाना बोर्ड और 476.03 करोड़ रुपये की केंद्रीय क्षेत्र योजना शामिल हैं।

इन पहलों के जरिए अनुसंधान, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, निर्यात और किसानों को सहायता प्रदान की जा रही है।घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मांग में लगातार वृद्धि के साथ मखाना किसानों की आय बढ़ाने की मजबूत क्षमता रखता है।

यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने के साथ-साथ भारत के कृषि-खाद्य निर्यात को भी मजबूत कर सकता है। (Source: PIB)

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