देश

भारत-मलेशिया संयुक्त कार्य समूह की दूसरी बैठक

लेखक: DD News अंतिम अपडेट: 19 अगस्त 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भारत-मलेशिया संयुक्त कार्य समूह की दूसरी बैठक

अगस्त 19, नई दिल्ली: लोक प्रशासन और शासन सुधारों के क्षेत्र में सहयोग विषय पर भारत-मलेशिया संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की दूसरी बैठक मंगलवार को आयोजित की गई।

बैठक की सह-अध्यक्षता प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के अतिरिक्त सचिव पुनीत यादव और मलेशिया के लोक सेवा (विकास) उप महानिदेशक दातुक डॉ. मोहम्मद बखारी बिन इस्माइल ने की।

भारत की ओर से डीएआरपीजी, कुआलालंपुर स्थित भारत के उच्चायुक्त सहित विदेश मंत्रालय (एमईए) और राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया।

मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए पुनीत यादव ने भारत और मलेशिया के बीच लंबे समय से चले आ रहे बहुआयामी संबंधों पर प्रकाश डाला, जो मजबूत जन-संबंधों, साझा मूल्यों और पारस्परिक हितों पर आधारित हैं।

उन्होंने कहा कि अगस्त 2024 में द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया था और फरवरी 2026 में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मलेशिया यात्रा ने द्विपक्षीय सहयोग को और गति प्रदान की। संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) ने 13 नवंबर 2024 को आयोजित अपनी पहली बैठक के बाद से हुई प्रगति की समीक्षा की।

उद्घाटन बैठक के विवरण की पुष्टि की गई और उसे अपनाया गया, और दोनों पक्षों की ओर से संपर्क बिंदुओं को नामित किया गया ताकि समन्वय और सहमत गतिविधियों के कार्यान्वयन को सुगम बनाया जा सके। भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के अंतर्गत वर्तमान क्षमता निर्माण सहयोग पर चर्चा की गई।

मलेशियाई पक्ष ने शैक्षणिक मॉड्यूल, संस्थागत और क्षेत्रीय दौरों, कार्यक्रम समन्वय और प्रतिभागियों को दी गई मेहमाननवाजी पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। 2026 और 2027 बैचों के लिए प्रस्तावित क्षमता निर्माण कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई।

मलेशियाई पक्ष ने वरिष्ठ मलेशियाई अधिकारियों के लिए विशेष कार्यक्रमों की संभावना तलाशने के प्रस्ताव का स्वागत किया। इस बैठक में सार्वजनिक क्षेत्र के आधुनिकीकरण और शासन सुधारों पर अनुभवों का आदान-प्रदान भी हुआ।

मलेशिया ने सार्वजनिक क्षेत्र के परिवर्तन के लिए अपना दृष्टिकोण साझा किया, जो लोगों, प्रक्रियाओं और प्रौद्योगिकी पर आधारित है, जिसमें नवाचार एक प्रमुख कारक है।

चर्चा में डिजिटल सरकार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड सेवाएं, साझा डिजिटल अवसंरचना, साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन, डेटा-आधारित निर्णय लेने और कनेक्टेड सरकार जैसे विषय शामिल थे, जिनका मुख्य उद्देश्य सरल, तीव्र और अधिक नागरिक-केंद्रित सार्वजनिक सेवाएं प्रदान करना था।

भारतीय पक्ष ने केंद्रीयकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम्स) के तहत नागरिकों की शिकायतों के केंद्रीकृत निवारण पर जानकारी साझा की, जो शिकायत निवारण के लिए विश्व का सबसे बड़ा 24x7 डिजिटल नागरिक इंटरफ़ेस प्लेटफॉर्म है।

समाधान दीदी, अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शासन के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने के डीएआरपीजी के प्रयासों का प्रतिनिधित्व करती हैं। 30 मई 2026 को लॉन्च किया गया एआई-सक्षम वॉयस चैटबॉट 'समाधान दीदी', सीपीग्राम्स को अधिक सुलभ, बहुभाषी और नागरिक-केंद्रित बनाता है ।

यह चैटबॉट संवादात्मक एआई का उपयोग करके नागरिकों को त्वरित, सरल और उपयोगकर्ता के अनुकूल प्रतिक्रियाएँ प्रदान करता है।

मलेशियाई पक्ष ने मलेशिया-भारत शासन साझेदारी के लिए कार्य योजना प्रस्तुत की: 2027-2029 रणनीतिक रोडमैप पर चर्चा की गई, जिससे शासन और कार्यान्वयन ढांचा तैयार हुआ और समझौता ज्ञापन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों के कार्यान्वयन के लिए तीन साल का रोडमैप बनाया गया।

मलेशियाई पक्ष ने डीएआरपीजी, एनसीजीजी और भारतीय उच्चायोग द्वारा दिए गए समर्थन की सराहना की। दोनों पक्षों ने अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान का स्वागत किया और सहयोग के ठोस, व्यावहारिक और परिणामोन्मुखी क्षेत्रों की पहचान करने पर सहमति व्यक्त की।

बैठक का समापन संस्थागत जुड़ाव, ज्ञान साझाकरण और क्षमता निर्माण को गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक संस्थानों को मजबूत करना, सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार करना और नागरिकों के अनुभव को बढ़ाना था।

D
DD News

वॉयस ऑफ क्रांति की संपादकीय टीम आपके लिए भोपाल, मध्यप्रदेश और देश की सटीक और विश्वसनीय समाचार प्रस्तुत करती है।