भारत को मिला 17वां मेडल, रिले टीम ने जीता सिल्वर; अंतिम पल में बदली तस्वीर
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एशियन गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों ने एक बार फिर दम दिखाया है.
मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले के फाइनल में भारत ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया. यह एशियन गेम्स में भारत का 17वां मेडल है.
रेस के आखिरी हिस्से तक भारत ब्रॉन्ज की हालत में था, लेकिन विथ्या रामराज ने अंतिम लेग में ऐसी रफ्तार पकड़ी कि कुछ ही पलों में तस्वीर बदल गई. उनकी शानदार दौड़ ने भारत को दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया.
भारतीय टीम ने 3 मिनट 14.46 सेकंड का समय दर्ज किया.
फाइनल से पहले भारतीय टीम ने हीट में भी अच्छा प्रदर्शन किया था.
भारत ने अपनी हीट में 3 मिनट 16.23 सेकंड का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया और फाइनल में जगह बनाई.
इसके बाद फाइनल के लिए टीम में बदलाव किया गया, जहां विशाल थेंनारासु, एमआर पूवम्मा, मनु टीएस और विथ्या रामराज ने भारत के लिए खेला और सिल्वर मेडल जीता.
विथ्या की फिनिश ने बदला मुकाबला
रेस के दौरान भारतीय टीम को बहरीन और वियतनाम से कड़ी चुनौती मिली.
आखिरी लेग तक भारत तीसरे स्थान पर था और ब्रॉन्ज मेडल की तरफ बढ़ता दिख रहा था.
इसके बाद विथ्या रामराज ने जिम्मेदारी संभाली.
उन्होंने आखिरी हिस्से में अपनी रफ्तार बढ़ाई और वियतनाम की टीम को पीछे छोड़ते हुए भारत को दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया. उनकी इस फिनिश के साथ भारत ने सिल्वर मेडल पक्का कर लिया.
बहरीन ने जीता गोल्ड
बहरीन ने इस स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता. उसकी टीम ने 3 मिनट 12.87 सेकंड का समय निकालकर एशियन गेम्स रिकॉर्ड बनाया.
भारत 3:14.46 के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि वियतनाम ने 3:14.54 के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता. दोनों के बीच सिर्फ 0.08 सेकंड का फर्क रहा.
हांगझोउ में भी भारत ने जीता था सिल्वर
भारत ने इस बार भी अपना पिछला प्रदर्शन दोहराया. 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भी भारत ने मिक्स्ड
📡 स्रोत: ABP Live Khel
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भारत ने एशियन गेम्स 2026 के मिक्स्ड 4x400 मीटर रिले में सिल्वर मेडल जीतकर अपनी एथलेटिक क्षमता को फिर से सिद्ध किया। यह जीत देश के लिए 17वां मेडल है, जो एशिया में भारतीय खेलों की उभरती स्थिति को दर्शाता है। यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाती है कि भारतीय एथलीट न केवल प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार सफलता प्राप्त कर रहे हैं। ऐसी उपलब्धियाँ युवाओं को प्रेरित कर सकती हैं, खेल में निवेश बढ़ा सकती हैं और राष्ट्रीय गर्व तथा एकजुटता की भावना को प्रोत्साहित कर सकती है