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भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता लागू

अक्टूबर 20, नई दिल्ली: भारत और न्यूज़ीलैंड के आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। विजयादशमी के अवसर पर दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौता यानी FTA लागू हो गया है।समझौते के लागू होने के साथ ही भारत से न्यूज़ीलैंड जाने वाले सभी उत्पादों को शत-प्रतिशत शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच मिल गई है।

इससे भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलने के साथ MSME, किसानों, कारीगरों, महिला उद्यमियों और युवाओं के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है। मुक्त व्यापार समझौते से कपड़ा, परिधान, फुटवियर, इंजीनियरिंग सामान, ऑटोमोबाइल कलपुर्जे, रत्न एवं आभूषण, दवाइयों और कृषि-प्रसंस्कृत उत्पादों जैसे क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है।

समझौते के तहत अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश को सुविधाजनक बनाने की प्रतिबद्धता भी शामिल है। इससे विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, कृषि और स्टार्टअप क्षेत्र में निवेश के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। FTA में भारतीय किसानों और संवेदनशील कृषि क्षेत्रों के हितों का भी ध्यान रखा गया है।

डेयरी, चीनी, खाद्य तेल और कई संवेदनशील कृषि उत्पादों को शुल्क रियायतों से बाहर रखा गया है। वहीं सेब, कीवी और शहद जैसे क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक, उत्पादकता बढ़ाने और बेहतर बागवानी प्रबंधन के लिए सहयोग का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र में भी भारत को व्यापक बाजार पहुंच मिली है। भारतीय युवाओं और पेशेवरों के लिए अस्थायी रोजगार और वर्किंग हॉलिडे वीजा के अवसर उपलब्ध होंगे।

इसके साथ ही पात्र भारतीय विद्यार्थियों को पढ़ाई पूरी करने के बाद न्यूज़ीलैंड में काम करने के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। भारत और न्यूज़ीलैंड ने वर्ष 2030 तक वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को 7 अरब न्यूज़ीलैंड डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में आज से लागू हुआ भारत-न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता निर्यात, निवेश और रोजगार बढ़ाने के साथ दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।