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भारत-न्‍यूजीलैंड मुक्‍त व्‍यापार समझौता 20 अक्टूबर से लागू होगा

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भारत-न्‍यूजीलैंड मुक्‍त व्‍यापार समझौता 20 अक्टूबर से लागू होगा

भारत और न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता इस वर्ष 20 अक्टूबर को विजयदशमी के अवसर पर लागू होगा। आज नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते के अंतर्गत न्यूजीलैंड को होने वाला भारतीय निर्यात 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त होगा।

उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक साझेदारी इस सहयोग को और बढ़ाने की साझा महत्वाकांक्षा को दर्शाती है। श्री गोयल ने बताया कि अगले 4 से 5 वर्षों में वस्तुओं और सेवाओं के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर लगभग 35 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है। वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने से यह लक्ष्य ठोस आर्थिक परिणामों में तब्दील होगा।

श्री गोयल ने कहा कि इस समझौते से भारत के लघु और मध्यम उद्यमों, किसानों, हस्तशिल्प और हथकरघा कारीगरों को बहुत लाभ होगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड ने समझौते के अंतर्गत भारत में दो लाख करोड़ रुपये के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

यह समझौता भारतीय निर्यात के लिए नए अवसर खोलेगा। इसमें वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद शामिल हैं। साथ ही, न्यूजीलैंड को लकड़ी, ऊन, भेड़ का मांस और कच्चे चमड़े सहित उत्पादों के लिए भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच प्राप्त होगी। यह समझौता सेवाओं, निवेश और पेशेवर, छात्र और युवा आवागमन के क्षेत्र में भी नए अवसर सृजित करता है। इसमें भारतीय पेशेवरों और छात्रों के लिए बेहतर मार्ग शामिल हैं।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से घनिष्ठ संबंध हैं। यह मजबूत जन-संबंधों और व्यापार और निवेश, कृषि, शिक्षा, खेल, प्रौद्योगिकी और अन्य क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग पर आधारित हैं। यह समझौता इन संबंधों को और मजबूत करने और दोनों देशों के व्यवसायों और समुदायों के लिए नए अवसर सृजित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।