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भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता भारत की विनिर्माण क्षमताओं में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है: CAIT महासचिव प्रवीण खंडेलवाल

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 20 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता भारत की विनिर्माण क्षमताओं में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है: CAIT महासचिव प्रवीण खंडेलवाल

अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ-सी.ए.आई.टी. के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा है कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता- एफ.टी.ए. भारत की विनिर्माण क्षमताओं में बढ़ते विश्वास को दर्शाता है और 'स्थानीय से वैश्विक' दृष्टिकोण को मजबूत करता है। श्री खंडेलवाल ने कहा कि यह समझौता भारतीय वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग सामान, ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, कृषि उत्पाद और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए निर्यात के बड़े अवसर खोलता है।

उन्होंने कहा कि शून्य शुल्क की सुविधा से भारतीय वस्तुओं की मूल्य प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। इससे सूक्ष्‍म, लघु और मध्यम उद्यमों, कारीगरों, किसानों, निर्माताओं, महिला उद्यमियों और निर्यातकों को लाभ होगा।

श्री खंडेलवाल ने बताया कि इस समझौते के अंतर्गत न्यूजीलैंड भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही न्‍यूजीलैंड, भारतीय पेशेवरों और युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार करेगा। उन्होंने भारतीय व्यापारियों, निर्माताओं तथा सूक्ष्‍म, लघु और मध्यम उद्यमों से इस अवसर का लाभ उठाने और 'मेड इन इंडिया' उत्पादों की वैश्विक उपस्थिति को मजबूत करने का आग्रह किया।

इंजीनियरिंग निर्यात संवर्धन परिषद-ई.ई.पी.सी. के अध्यक्ष पंकज चड्ढा ने भी समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह समझौता इंजीनियरिंग सामान निर्यातकों, विशेष रूप से सूक्ष्‍म, लघु और मध्यम उद्यमों को अपने उत्पाद पोर्टफोलियो में विविधता लाने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड को भारत का इंजीनियरिंग निर्यात 2024-25 में 129.8 मिलियन अमरीकी डॉलर से बढ़कर 2025-26 में 140.5 मिलियन अमरीकी डॉलर हो गया है। यह इंजीनियरिंग निर्यात में निरंतर वृद्धि को दर्शाता है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।