भारत पहुंचे शी जिनपिंग, BRICS में आज कब क्या होगा, जानें सब
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने शनिवार (12 सितंबर) को भारत पहुंच गए हैं. दिल्ली के पालम एयरपोर्ट पर उनका विमान लैंड हुआ है.
चीनी राष्ट्रपति एयरपोर्ट से सीधे अपने होटल जाएंगे.
दोपहर 2 बजे के आस-पास शी जिनपिंग के अलावा ब्रिक्स मेंबर देशों के अन्य नेता भारत मंडपम पहुंचेंगे और दोपहर ढाई बजे से ब्रिक्स सम्मेलन की शुरुआत होगी.
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स समिट में शाम 5 बजे ब्रिक्स की फैमिली फोटो होगी. इसके बाद शाम साढ़े 5 बजे ब्रिक्स के नेता पौधारोपण करेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाम साढ़े 7 बजे विश्व नेताओं के लिए डिनर रखा है.
गाला डिनर का आयोजन ब्रिक्स समिट में दोपहर ढाई बजे 'समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना' विषय पर चर्चा होगी.
इसके बाद शाम 4.30 बजे ब्रिक्स देशों के नेता भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी देखेंगे.
भारत मंडपम के लॉन में शाम 5.30 बजे ब्रिक्स मेंबर देशों के नेता संयुक्त रूप से पौधारोपण करेंगे.
इसके बाद भारत मंडपम के लेवल-3 में शाम साढ़े 7 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गाला डिनर का आयोजन किया जाएगा.
पीएम मोदी की इथियोपिया और मलेशिया के नेताओं संग बैठक
इथियोपिया और मलेशिया के नेताओं के साथ आज पीएम मोदी ने बैठक की.
द्विपक्षीय मुलाकातों ने भारत के उनके साथ संबंधों को एक नई दिशा दी है.
भारत सरकार के सूत्रों के मुताबिक दोनों देशों ने भारत के साथ रक्षा सहयोग को और मजबूत करने में गहरी रुचि दिखाई है.
पीएम मोदी संग बैठक में इथियोपिया और मलेशिया के नेताओं की संयुक्त रूप से कर्मियों के प्रशिक्षण और भारत से रक्षा उपकरणों की खरीद पर भी विस्तृत चर्चा हुई.
दोनों देशों ने भारतीय उद्योग और निवेश का स्वागत किया है. इथियोपिया ने विशेष रूप से भारतीय खनन कंपनियों का स्वागत किया.
इसके अलावा मलेशिया के साथ सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में अवसरों पर भी चर्चा हुई है.
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📡 स्रोत: ABP Live
💡 पृष्ठभूमि (Background)
भारत में शी जिनपिंग का आगमन ब्रिक्स समिट के प्रारम्भिक चरण को दर्शाता है, जिसमें चीन, रूस, भारत, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका के प्रमुख नेता शामिल हैं। यह कार्यक्रम वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ है, क्योंकि इन पाँच देशों की संयुक्त नीतियाँ अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा पर गहरा प्रभाव डाल सकती हैं। भारत के लिए शी जिनपिंग का आगमन रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने का संकेत देता है, जिससे निवेश, प्रौद्योगिकी और रक्षा सहयोग में नई संभावनाएँ खुल सकती हैं। आम जनता को र