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भारत का सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात 8.2 प्रतिशत बढ़कर 221 अरब डॉलर के पार हुआ: आरबीआई

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भारत का सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात 8.2 प्रतिशत बढ़कर 221 अरब डॉलर के पार हुआ: आरबीआई

वर्ष 2025-26 में भारत का सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात वार्षिक आधार पर 8.2 प्रतिशत बढ़कर 221 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। भारतीय रिज़र्व बैंक के कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और सूचना प्रौद्योगिकी आधारित सेवा निर्यात पर कल जारी वार्षिक सर्वे में यह जानकारी दी गई।

सर्वे के लिए सात हजार 569 सॉफ्टवेयर निर्यात कंपनियों से संपर्क किया गया था, जिनमें से दो हजार 363 कंपनियों ने जवाब दिया। कुल अनुमानित सॉफ्टवेयर निर्यात में इन कंपनियों की हिस्सेदारी लगभग 89% थी। पिछले वर्ष के दौरान भारत के कुल सॉफ्टवेयर निर्यात में BPO सेवाओं का हिस्सा सबसे ज़्यादा रहा।

भारत के सॉफ्टवेयर निर्यात के लिए 54 प्रतिशत से अधिक की भागीदारी के साथ अमरीका सबसे बड़ा केंद्र बना रहा। 31 दशमलव आठ प्रतिशत के साथ यूरोप दूसरे स्‍थान पर था। ब्रिटेन की हिस्सेदारी 15 दशमलव चार प्रतिशत थी।

रिजर्व बैंक ने यह भी बताया कि भारतीय कंपनियों की विदेशी सहयोगी कंपनियों का स्‍थानीय सॉफ्टवेयर व्‍यापार वर्ष 2025-26 में 14 अ‍रब डॉलर से बढ़कर लगभग 18 अरब डॉलर हो गया।

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भारत का सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात 8.2 प्रतिशत बढ़कर 221 अरब डॉलर के पार हो गया, यह दर्शाता है कि देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है। यह आँकड़ा भारतीय रिज़र्व बैंक के वार्षिक सर्वे से आया है, जिसमें 7,569 कंपनियों में से 2,363 ने जवाब दिया। यह विकास वैश्विक IT बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धा को सुदृढ़ करता है और विदेशी निवेश को आकर्षित करता है। आम जनता के लिए इसका अर्थ है कि IT क्षेत्र में नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे, वेतन में सुधार होगा और डिजिटल कौशल की मांग बढ़ेगी, जिससे आर्थिक समावेशन और

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।