राजनीति

भारत ने सुरक्षा परिषद में वाणिज्यिक समुद्री आवाजाही को भू-राजनीतिक तनाव का निशाना न बनाने की मांग दोहराई

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भारत ने सुरक्षा परिषद में वाणिज्यिक समुद्री आवाजाही को भू-राजनीतिक तनाव का निशाना न बनाने की मांग दोहराई

भारत ने सुरक्षा परिषद में अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की अपनी मांग दोहराई है और कहा कि वाणिज्यिक समुद्री आवाजाही 'भू-राजनीतिक तनाव का निशाना नहीं बननी चाहिए'। भारत के जहाजों और नागरिकों को होर्मुज जलडमरूमध्य के टकराव की वजह से नुकसान उठाना पड़ा है।

भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने गुरुवार को सुरक्षा परिषद में कहा समुद्री आवाजाही के अधिकारों पर जबरदस्ती, धमकियों, गैर-कानूनी प्रतिबंधों या मनमाने दखल का असर नहीं पड़ना चाहिए।

श्री हरीश ने बहरीन की ओर से बुलाई गई परिषद की एक अनौपचारिक बैठक में बात की। यह बैठक 'आरिया-फॉर्मूला' के तहत समुद्री सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी।

अप्रैल में, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने भारतीय झंडे वाले दो टैंकरों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। जुलाई में संयुक्त अरब अमीरात में पंजीकृत दो जहाजों पर ईरानी हमलों में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और दूसरा घायल हो गया था।

भारत ने नई दिल्ली में ईरानी राजनयिकों के सामने इन दोनों घटनाओं का विरोध किया। भारत ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी राजनयिक को बुलाकर तीन भारतीय नाविकों की मौत पर विरोध दर्ज कराया था।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।