व्यापार

भारत-स्विट्जरलैंड के बीच द्विपक्षीय सहयोग जारी रखने पर बनी सहमति: MEA

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भारत-स्विट्जरलैंड के बीच द्विपक्षीय सहयोग जारी रखने पर बनी सहमति: MEA

अक्टूबर 05, नई दिल्ली: भारत और स्विट्जरलैंड के बीच द्विपक्षीय वार्ता के दौरान व्यापार और निवेश समेत दोनों देशों के संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया कि वार्ता में खास तौर पर भारत-EFTA TEPA के संदर्भ में व्यापार और निवेश सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने इंफ्रास्ट्रक्चर, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, फार्मास्युटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कौशल विकास, मोबिलिटी, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष, जलवायु और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने पर जोर दिया।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक, स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच पांच समझौतों और एक लेटर ऑफ इंटेंट का आदान-प्रदान हुआ।

इनमें माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप, यंग प्रोफेशनल्स के आदान-प्रदान, मोबिलिटी, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग और ज्यूरिख यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज से जुड़ा समझौता शामिल है।

बाइट: सिबी जॉर्ज, सचिव (पश्चिम), विदेश मंत्रालय

💡 पृष्ठभूमि (Background)

भारत और स्विट्जरलैंड के बीच द्विपक्षीय सहयोग जारी रखने पर बनी सहमति व्यापार, निवेश और अन्य क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा के बाद तय हुई है। इस सहमति का मुख्य फोकस भारत‑EFTA TEPA के तहत व्यापार और निवेश को बढ़ावा देना है। यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को मजबूत करती है, जिससे वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। आम जनता पर इसका असर रोजगार के अवसरों में वृद्धि, नई तकनीकों की पहुँच और बेहतर बुनियादी ढांचे के रूप में दिखेगा, जिससे रोज़मर्रा के जीवन में सुध

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।