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भारत और स्विट्जरलैंड ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 5 अक्टूबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भारत और स्विट्जरलैंड ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति

भारत और स्विट्जरलैंड रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। इसमें रक्षा प्रशिक्षण और रक्षा उद्योग के बीच सहयोग शामिल है। विदेश मंत्रालय में पश्चिमी मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज ने नई दिल्ली में मीडिया को बताया कि स्विट्जरलैंड की कंपनियां मेक इन इंडिया के तहत भारत में रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन और विकास में अवसर तलाश सकती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति भारत की राजकीय यात्रा पर हैं। आज दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई। इस दौरान बुनियादी ढांचे, विज्ञान, तकनीक, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग जारी रखने पर जोर दिया गया।

दोनों देशों के बीच कई समझौते और सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी हुए। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति बुधवार को नई दिल्ली में होने वाले समृद्धि शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। जो भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। श्री सिबी जॉर्ज ने बताया कि स्विट्जरलैंड अगले साल जून में जिनेवा में एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। भारत ने इस सम्मेलन को सफल बनाने में सहयोग देने की इच्छा जताई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्विट्जरलैंड की रचनात्मक कंपनियों को अगले साल होने वाले वेव्स के दूसरे चरण में भाग लेने का न्योता दिया है। साथ ही, स्विट्जरलैंड के विश्वविद्यालयों को भारत में कैंपस खोलने और स्विस कंपनियों को गुजरात की गिफ्ट सिटी में निवेश करने के लिए भी आमंत्रित किया गया है।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।