राजनीति

भारत की ऊर्जा सुरक्षा और खनिज आत्मनिर्भरता पर अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में मंथन

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 26 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भारत की ऊर्जा सुरक्षा और खनिज आत्मनिर्भरता पर अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में मंथन

संसदीय स्थायी समिति ने दूसरे दिन कोयले की भविष्य की भूमिका और खनिज क्षेत्र के संचालन की समीक्षा की

अगस्त 08, हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में संसदीय स्थायी समिति कोयला, खान एवं इस्पात ने केरल के मुन्नार में अपने अध्ययन दौरे के दूसरे दिन भारत के ऊर्जा भविष्य और खनिज क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।

बैठक के प्रथम सत्र में कोयला मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों तथा एनएलसी इंडिया लिमिटेड, सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ भारत के ऊर्जा मिश्रण में कोयले के भविष्य पर चर्चा हुई। अनुराग सिंह ठाकुर ने देश की ऊर्जा सुरक्षा, बेसलोड बिजली की आवश्यकताओं और जिम्मेदार डीकार्बोनाइजेशन के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ तकनीक, आधुनिकरण और घरेलू कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भरता भारत की तेज आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दूसरे सत्र में समिति ने खान मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण और भारतीय खान ब्यूरो के कार्यों की समीक्षा की।

बैठक में महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों की स्वदेशी खोज को गति देने, आधुनिक तकनीक आधारित भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण और टिकाऊ खनन व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विशेष चर्चा हुई। अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों में आयात निर्भरता कम करने, आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित बनाने और आत्मनिर्भर भारत के औद्योगिक विजन को मजबूत करने के लिए आधुनिक सर्वेक्षण तकनीक, प्रभावी संस्थागत व्यवस्था और सरल नियामक ढांचे की आवश्यकता है।

M
Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।