भारत वैश्विक नारियल उत्पादन में पहले स्थान पर

अगस्त 18, नई दिल्ली: भारत का नारियल क्षेत्र ग्रामीण आजीविका, कृषि विकास और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूती प्रदान करता है।
करीब एक करोड़ किसानों सहित लगभग तीन करोड़ लोग इस क्षेत्र पर निर्भर हैं।
भारत वैश्विक नारियल उत्पादन में पहले स्थान पर है। केरल क्षेत्रफल, तमिलनाडु उत्पादन और आंध्र प्रदेश उत्पादकता के मामले में आगे है।
भारत का नारियल निर्यात पारंपरिक उत्पादों से आगे बढ़कर वर्जिन कोकोनट ऑयल, नारियल के दूध और एक्टिवेटेड कार्बन जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों तक पहुंच गया है।
सरकार मुख्य रूप से नारियल विकास बोर्ड के माध्यम से नारियल क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं लागू कर रही है।
वर्ष 2025-26 के दौरान करीब 2,175 हेक्टेयर नया क्षेत्र खेती के तहत जोड़ा गया, जबकि 1,672 हेक्टेयर क्षेत्र को जीर्णोद्धार के तहत कवर किया गया।
केंद्रीय बजट 2026-27 में सततता, निर्यात और किसानों की आय को मजबूत करने के लिए ‘नारियल संवर्धन योजना’ शुरू की गई।
नीतिगत समर्थन के साथ भारत का नारियल क्षेत्र उत्पादन, मूल्य संवर्धन, निर्यात और आजीविका के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है।
(छत्तीसगढ़ में नारियल-आधारित बहु-स्तरीय खेती )