भारत विरासत, संस्कृति और क्षमताओं में दृढ़ विश्वास रखने वाला राष्ट्र: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत न केवल एक प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है, बल्कि अपनी सभ्यतागत विरासत, संस्कृति और क्षमताओं में दृढ़ विश्वास रखने वाला राष्ट्र भी है।
लखनऊ में बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि आज जब भारत बोलता है, तो दुनिया सुनती है। रक्षा मंत्री ने कहा कि नए भारत में सबसे बड़ा परिवर्तन यह है कि देश अब केवल वैश्विक नियमों का अनुसरण नहीं कर रहा है, बल्कि नियम बनाने में भी योगदान दे रहा है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भाषा, संस्कृति और सभ्यता में राष्ट्रीय गौरव किसी राष्ट्र की आत्मनिर्भरता और प्रगति को बढ़ाता है। उन्होंने कहा कि भारत बेहतर स्थिति में है और सरकार भारत को आर्थिक, मानसिक और सांस्कृतिक रूप से हर तरह से मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
श्री सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालयों का काम केवल युवाओं को डिग्री बांटना नहीं, बल्कि उनका मुख्य लक्ष्य राष्ट्र निर्माण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को ऐसे युवाओं को तैयार करना चाहिए जिनके भीतर देश के लिए कुछ करने का जुनून हो।
रक्षा मंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पिछले 12 वर्षों में भारत में शिक्षा की गुणवत्ता, सुलभता और सामर्थ्य में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि अनुसंधान और विकास पर व्यय दुगुना हो गया है और 34 वर्षों के बाद एक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है।