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भारत और विश्व बैंक ने पारंपरिक ऋण देने के अतिरिक्‍त अपनी साझेदारी का विस्तार करने पर चर्चा की

लेखक: Maroof Ahmed Khan अंतिम अपडेट: 2 सितंबर 2026
प्रकाशक: वॉयस ऑफ क्रांति
भारत और विश्व बैंक ने पारंपरिक ऋण देने के अतिरिक्‍त अपनी साझेदारी का विस्तार करने पर चर्चा की

इस दौरान उन्‍होंने भारत में इस बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी की बड़ी भूमिका पर चर्चा की। प्रस्तावित साझेदारी का उद्देश्य गारंटी के व्यवस्थित उपयोग और अधिक से अधिक निजी पूंजी जुटाने के माध्यम से देश के कॉर्पोरेट, बुनियादी ढांचे और नगरपालिका बॉन्ड बाजारों को मजबूत करना है।

बैठक में भारत और विश्व बैंक की साझेदारी को मजबूत करने तथा संस्था के वित्तपोषण साधनों के उपयोग को व्यापक बनाने के तरीकों पर चर्चा हुई।

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Maroof Ahmed Khan

Maroof Ahmed Khan वॉयस ऑफ क्रांति के संस्थापक एवं प्रधान संपादक हैं। वे जनसरोकार, निष्पक्ष रिपोर्टिंग और जनता की आवाज़ को प्रमुखता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।